'जिन्न का साया' बना मौत का कारण

 मंगलवार, 25 सितंबर, 2012 को 18:49 IST तक के समाचार

21 वर्षीय नाइला मुमताज़ मां बनने वाली थीं

पाकिस्तानी में शादी के बाद ब्रिटेन आई एक महिला की उसके पति ने इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उन्हें पत्नी पर किसी बुरी आत्मा के साए का शक़ था.

नाइला मुमताज़ नाम की ये महिला 21 साल की थीं और उनके पेट में छह महीने का बच्चा भी था, जब 2009 में उनके पति ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी.

ब्रितानी कोर्ट ने उनके पति मोहम्मद मुमताज़, उनके भाई और माता-पिता को इस मामले में दोषी करार दिया है और उन्हें उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है.

इस परिवार ने कोर्ट में दावा किया था कि नाइला मुमताज़ ने खुदकुशी की थी.

नाइला मुमताज़ के परिजनों ने कोर्ट में बताया कि उनके ससुराल वालों को शक था कि उन पर पाकिस्तान से भेजे एक ‘जिन्न’ का साया सवार था, जिसे उनके भीतर से निकालने के लिए उन्होंने नाइला का गला घोंट दिया.

2008 में पाकिस्तान में मोहम्मद मुमताज़ ने नाइला से शादी की, जिसके बाद वे उन्हें ब्रिटेन ले आए.

'नाइला के साथ धोखा'

"नाइला अपने मां-बाप की इकलौती संतान थी और उसकी मौत से उनके जीवन में एक दुखद खालीपन पैदा हो गया है. सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि नाइला गर्भवती थीं, अपने परिवार से जुदा थीं औऱ इस पराए देश में अंग्रेज़ी बोलना तक नहीं जानती थीं"

न्यायधीष

सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि नाइला के पति मोहम्मद मुमताज़ और उनके परिवार ने नाइला के साथ धोखा किया है.

इस मामले में 25 वर्षीय मोहम्मद मुमताज़ और उनके भाई हम्माद हसन को कम से कम 13 साल की कारावास की सज़ा सुनाई गई है जबकि उनके माता-पिता को 15 साल जेल में काटने होंगे.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुमताज़ परिवार ने कहा कि उन्हें शक था कि नाइला के पेट में पल रहा बच्चा मोहम्मद मुमताज़ का था या नहीं.

साथ ही उन्होंने ये भी दलील दी कि नाइला पर किसी जादू-टोने का साया था.

न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि ऐसा मानना मुश्किल है कि मुमताज़ परिवार को नाइला के गर्भ में पल रहे बच्चे के पिता की पहचान के बारे में कोई शक था.

न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, “नाइला अपने मां-बाप की इकलौती संतान थी और उसकी मौत से उनके जीवन में एक दुखद खालीपन पैदा हो गया है. सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि नाइला गर्भवती थीं, अपने परिवार से जुदा थीं और इस पराए देश में अंग्रेज़ी बोलना तक नहीं जानती थीं.”

कोर्ट में ये भी सामने आया कि नाइला को अस्पताल ले जाने से पहले पाकिस्तान में रह रहे उनके रिश्तेदारों को बहुत से फोन कॉल्स भी किए गए थे.

फोन कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि नाइला के रिश्तेदारों ने मुमताज़ परिवार को सलाह दी कि ‘वे नाइला को अस्पताल न ले जाएं, क्योंकि वे उसका इलाज खुद करवा लेंगें’.

पुलिस को दिए बयान में मोहम्मद मुमताज़ ने कहा कि उनकी बीवी के शरीर पर जो चोट के निशान थे, वो नाइला की ही देन थे.

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