कश्मीर मुद्दे पर जरदारी की खरी-खोटी

 बुधवार, 26 सितंबर, 2012 को 07:57 IST तक के समाचार
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जरदारी ने इस्लाम विरोधी फिल्म की निंदा की.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि कश्मीर में ‘जारी संकट’ संयुक्त राष्ट्र की नाकामी को दर्शाता है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में जरदारी ने कहा कि इस तरह के मुद्दों का हल आपसी सहयोग के माहौल में ही हो सकता है.

इस्लामी चरपंथ के मुद्दे पर जरदारी ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से कहा कि उनके देश पर अब और कदम उठाने का दबाव बनाना ठीक नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में पाकिस्तान को दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ी है.

जरदारी ने अपने भाषण में अमरीका में बनी इस्लाम विरोधी फिल्म को लेकर भी अपना विरोध जताया.

सहयोग पर जोर

जरदारी ने कहा, “कश्मीर संयुक्त राष्ट्र के तंत्र की मजबूती के बजाय नाकामी का प्रतीक बना रहेगा. हम समझते हैं कि इस तरह के मुद्दों को तभी हल किया जा सकता है जब आपसी सहयोग का माहौल हो. व्यापारिक रिश्तों को सामान्य बना कर, हम क्षेत्रीय, दक्षिण एशियाई इतिहास रचना चाहते हैं.”

"जो भी लोग ये कहते हैं कि हमने (चरमपंथ के खिलाफ) पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं, मैं उनसे नम्रता से कहता हूं कि मेहरबानी करके हमारे उन लोगों का अपमान मत कीजिए जिन्होंने जानें गंवाई हैं और जो एक दर्द में जी रहे हैं."

आसिफ अली जरादी, पाकिस्तानी राष्ट्रपति

जरदारी ने इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ कदम उठाने के मुद्दे पर अपने देश का बचाव किया.

उन्होंने कहा, “किसी भी देश और जनता ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उतनी मुसीबतें नहीं झेली हैं जितनी हम झेल चुके हैं. जो भी लोग ये कहते हैं कि हमने पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं, मैं उनसे नम्रता से कहता हूं कि मेहरबानी करके हमारे उन लोगों का अपमान मत कीजिए जिन्होंने जानें गंवाई हैं और जो एक दर्द में जी रहे हैं.”

जरदारी ने कहा कि अमरीकी ड्रोन हमलों की वजह से 'आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई' पर जनता का समर्थन जुटाना उनकी सरकार के लिए मुश्किल हो रहा है.

फिल्म पर प्रतिबंध नहीं

जरदारी ने अपने भाषण की शुरुआत अमरीका में बनी उस इस्लाम विरोधी फिल्म की निंदा से की जिसे लेकर पाकिस्तान समेत दुनिया के तमाम मुस्लिम देशों में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं.

इस्लाम विरोधी फिल्म का विरोध

मुस्लिम जगत इस फिल्म का कड़ा विरोध हो रहा है.

उन्होंने इस तरह की सामग्री की निंदा करते हुए दुनिया भर में उस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की.

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र महा सभा को संबोधित करते हुए विश्व में चरमपंथ और असहनशीलता की निंदा की है.

उन्होंने भी इस्लाम विरोधी फिल्म की निंदा की लेकिन साथ ही ये भी कहा कि इसे लेकर हिंसक प्रदर्शनों को सही नहीं ठहराया जा सकता.

उनका कहना था कि वो अमरीका में इस्लाम विरोधी फ़िल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाएंगे क्योंकि यह अमरीकी मूल्यों के विपरीत होगा.

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