फोन अनलॉक करने के उस्ताद

इस साल के शुरू में इसराइली कंपनी 'सेलेब्राइट' सुर्ख़ियों में रही. उस वक़्त अफ़वाह थी कि इस कंपनी ने एफ़बीआई को सैन बर्नारडिनो हमलावर के आई फोन को अनलॉक करने में मदद की है.

सेलेब्राइट ने अब बीबीसी को बताया है कि वो किसी भी आधुनिक फोन को अनलॉक कर सकती है.

कुछ ही दिन पहले कंपनी ने ब्रिटेन के ग्राहकों को अपनी तकनीक के बारे में बताया है. पूरे ब्रिटेन से कई पुलिस अधिकारी भी उन सॉफ़्वेयर और उपकरणों को देखने आए, जिनकी मदद से किसी संदिग्ध के फोन का डाटा यानी जानकारी हासिल की जा सकती है.

कंपनी की तरफ से जुव बेन मोश ने बीबीसी को एक साधारण टेबलेट की तरह का डिवाइस दिखाया. उन्होंने बताया कि वो पुलिस को इसी उपकरण की सप्लाई करते हैं. इस उपकरण को मोबाइल से जोड़कर किसी भी फ़ोन से डाटा निकाला जा सकता है.

कंपनी ने हमारे फोन का डाटा भी खंगाल कर दिखाया. उन्होंने अपने उपकरण के स्क्रीन पर कुछ बटन दबाए और बताया कि हमारे फ़ोन का लॉक टूट चुका है. ये सच था.

यह काफ़ी दिलचस्प है. बेन का दावा है कि उनकी कंपनी बाज़ार में मौजूद ज़्यादातर मोबाइल फ़ोन को अनलॉक कर सकती है.

बेन का कहना है, "हम आई फ़ोन 7 का डाटा भी निकाल सकते हैं."

हालांकि वे यह दावा करने में सावधानी रखते हैं कि मोबाइल फोन से कितना डाटा निकाला जा सकता है.

बेन कहते हैं कि सीधे तौर पर ये नहीं कहा जा सकता है. लेकिन उन्होंने इशारों में बताया कि यदि अपराधी ये सोचते हैं कि मोबाइल से सूचना भेजने का हर तरीका सुरक्षित है तो वे ख़ुद को बेवकूफ बना रहे हैं.

रिपोर्टों के मुताबिक सेलेब्राइट ने सैन बर्नारडिनो के एक हमलावर रिज़वान फ़ारूक़ के एप्पल आई फोन 5 का डाटा खंगालने में अमरीकी जांच एजेंसी एफ़बीआई की मदद की है.

लेकिन बेन का कहना है, "हम अपने किसी ग्राहक के बारे में कोई जानकारी नहीं देते हैं."

एक तरफ मोबाइल फोन कंपनियां सुरक्षित उपकरण बनाकर बड़ा मुनाफ़ा कमा रही हैं. वहीं ब्रिटेन और अमरीका में सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों की शिकायत है कि ऐसे फोन अपराधियों को जांच से बच कर निकलने में मदद कर रहे हैं.

पिछले दिनों सुरक्षा और ख़ुफिया संगठनों के साथ काम करने वाली एक अन्य इसराइली कंपनी 'एनएसओ ग्रुप' पर एक हैकिंग में शामिल होने का आरोप लगा.

हैकिंग की इस घटना में आई फोन को अनलॉक कर उसमें वायरस डाल दिया गया था.

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