स्मार्टफोन की लाइट आंखों के लिए बुरी

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स्मार्टफोन की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी आंखों को नुकसान पहुंचाती है.

इसीलिए कहते हैं कि बहुत देर तक स्क्रीन को देखने से आंखों पर असर पड़ने लगता है, पानी गिरने लगता है या फिर आंखें थकी हुई दिखाई देती हैं.

ऐसी नीली रोशनी स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप सभी से आती है इसलिए इसका इलाज सभी डिवाइस के लिए करना होगा.

डेस्कटॉप और लैपटॉप के लिए यहां पर जानकारी मिल जाएगी, और आईफोन के फीचर के लिए यहां पढ़ सकते हैं.

एंड्राइड के नए ऑपरेटिंग सिस्टम, नुगाट में 'नाइट मोड' है जो आंखों पर बहुत ज़्यादा ज़ोर नहीं पड़ने देता है. लेकिन उससे पहले के ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए अलग-अलग ऐप का इस्तेमाल करना होगा.

बस ये याद रखिए की ये आपकी आंखों के लिए बेहतर रहेगा.

नुगाट से पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम वाले एंड्राइड स्मार्टफोन के लिए सीएफ लुमेन , फ्लक्स और ट्वाईला नाम के ऐप में से कोई भी चुन सकते हैं.

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ट्वाईलाईट के लिए हैंडसेट को रुट करने की ज़रुरत नहीं है जबकि बाकी दोनों के लिए डिवाइस को रुट करना ज़रूरी है. लेकिन वो करने के बाद इन दोनों ऐप में ट्वाईलाइट से कहीं ज़्यादा फीचर हैं.

अगर ये बदलाव अपने स्मार्टफोन या टैबलेट के लिए आप करते हैं तो स्क्रीन नीले की जगह लाल रंग की दिखेगी.

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शुरुआत में ऐसी स्क्रीन पर काम करना बहुत आसान नहीं होगा लेकिन ऐसी स्क्रीन को देखते-देखते ही आदत बदलेगी.

सोने के ठीक पहले नीले रंग की लाइट आपके आंखों पर क्या असर करती है उसे जानने के लिए यहां पढ़ सकते हैं.

दुनियाभर में हो रहे रिसर्च के बारे में यहां जानकारी मिल सकती है.

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