आप दौड़ेंगे तो शुक्राणु तेज़ तैरेंगे

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हफ्ते में तीन बार कम से कम आधे घंटे की कसरत पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाती है. ऐसा एक नए शोध में पता चला है.

रिप्रोडक्शन नाम की पत्रिका में छपा यह शोध 261 पुरुषों पर किया गया. वे पूरी तरह सेहतमंद थे और उनमें शुक्राणुओं से जुड़ी कोई दिक्कत नहीं थी.

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सभी पुरुषों के चार समूह बनाए गए. पहला, जिन्हें कोई कसरत नहीं करनी थी, दूसरा एक हफ्ते में तीन बेहद तेज़ कसरत करने वाला समूह और तीसरा एक हफ्ते में तीन बार सामान्य कसरत वाला समूह (ट्रेडमिल पर आधा घंटा) और चौथा पूरे हफ्ते तेज़ कसरत करने वाला (ट्रेडमिल पर एक घंटा) समूह.

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पाया गया कि सामान्य कसरत करने वाले समूह के पुरुषों में नतीजे सबसे अच्छे रहे. पहले समूह को छोड़ दें तो सभी तीन समूहों में शामिल पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या और उनके गुण बेहतर हुए.

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शोध के मुताबिक, कसरत ना करने वाले समूह की तुलना में कसरत करने वाले तीनों समूह के पुरुषों का वज़न घटा और उनके शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ गई.

दिशानिर्देशों में सलाह दी गई है कि एक वयस्क को एक हफ्ते साइकिल चलाने या तेज़ चलने जैसी कम से कम 150 मिनट की सामान्य एरोबिक एक्सरसाइज या 75 मिनट की तेज़ एयरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए.

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जानकार ये भी मानते हैं कि कसरत पर सही संतुलन बनाए रखने की भी जरूरत है क्योंकि जरूरत से अधिक कसरत से शुक्राणुओं के बनने पर बुरा असर पड़ सकता है.

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