एंड्राइड स्मार्टफोन वाले गुलिगन से सावधान!

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गुलिगन नाम का मालवेयर आपके एंड्राइड स्मार्टफोन का दुश्मन बन गया है.

इस मालवेयर ने एंड्राइड फोन के डेटा में सेंध मार दी है.

मैशेबल के अनुसार दस लाख ऐसे अकाउंट के साथ ऐसा हो चुका है. चेक पॉइंटनाम की कंपनी ने अपने ब्लॉग में इसके बारे में जानकारी दी है.

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इस ब्लॉग के अनुसार हर दिन कम से कम 13000 नए डिवाइस में 'गुलिगन' अपनी पकड़ बना रहा है.

इस बात का पता लगने के बाद चेक पॉइंट ने गूगल की ऑनलाइन सिक्योरिटी से जुड़ी टीम से बात की और अब इस मालवेयर के स्रोत के बारे में पता करने की कोशिश की जा रही है.

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अगस्त 2016 में 'गुलिगन' एक ख़तरनाक मालवेयर के तौर पर उभर कर सामने आया था. ये आपके फोन या टैबलेट को तब नुकसान पहुंचाता है जब आप किसी दूसरे ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड करते हैं. इस मालवेयर का संबंध स्नैप-पी ऐप से भी है जिसने साल 2015 में काफ़ी नुकसान पहुंचाया था.

गुलिगन मालवेयर आपके उपकरण से ऑथेंटिकेशन हासिल करने के बाद गूगल प्ले, जी मेल, गूगलडॉक्स, गूगल ड्राइव से डेटा चुराता है. इसके ज़रिए हैकर आपके फ़ोन में कुछ ऐप इंस्टॉल करके उसे अच्छी रेटिंग देता है.

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इनका सीधा मकसद इन ऐप के ज़रिए अच्छे पैसे कमाना होता है. कुछ ख़बरों के मुताबिक ये हैकर हर महीने तीन लाख डॉलर से भी ज़्यादा कमाते हैं.

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चेक पॉइंट के मुताबिक़ गूगल अकाउंट पर गुलिगन का सबसे ज़्यादा असर एशिया में दिखाई दे रहा है.

उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका को मिलाकर करीब 19 फ़ीसदी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं जबकि यूरोप में ये आंकड़ा महज़ नौ फ़ीसदी है.

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गुलिगन मालवेयर एंड्रॉइंड 4 (जेली बीन और किटकैट) और एंड्रॉइड 5 (लॉलीपॉप) वाले फ़ोन पर हमला करता है.

गूगल से पूछने पर कंपनी ने बताया कि सुरक्षा टीम ने इसे बड़ी गंभीरता से लिया है और इस पर लगातार काम किया जा रहा है और गुलिगन मालवेयर एंड्रॉइड के पुराने वर्जन के ज़रिए धोखाधड़ी कर रहा है.

इस साल तरह-तरह के वाइरस ने स्मार्टफ़ोन को अपना निशाना बनाया है.

जैसे-जैसे स्मार्टफ़ोन पर लोग अपने बारे में और अपने बैंक से जुड़ी जानकारी पहले से ज़्यादा रखने लगे हैं, हैकरों की नज़र उन पर पड़ रही है.

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