शुक्राणुओं का हो गया मिक्स-अप

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नीदरलैंड में एक आईवीएफ़ सेंटर ने कहा है कि हो सकता है कि उनके पास इलाज कराने आईं 26 महिलाएं ग़लत पुरुषों के शुक्राणु से गर्भवती हुई हों.

यूट्रेच यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर ने कहा है कि अप्रैल 2015 और नवंबर 2016 के बीच हुई प्रक्रियात्मक गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ है.

26 दंपतियों ने जिन्होंने यहां इलाज कराया उनमें से आधे जोड़ों में गर्भधारण हो चुका है या फिर उनके बच्चे जन्म ले चुके हैं.

मेडिकल सेंटर का कहना है कि इन लोगों को इसकी सूचना दे दी गई है.

एक बयान में कहा गया," यूएमसी का बोर्ड उन दंपतियों से माफ़ी मांगता है कि उन्हें हमें ये ख़बर देनी पड़ रही है."

इस बयान के मुताबिक, " हो सकता है कि उर्वरण के दौरान 26 अन्य जोड़ों के अंडाणुओं का मेल, इलाज करवा रहे एक दंपति के शुक्राणु से हो गया हो. इसलिए ये संभावना है कि अंडाणु का उर्वरण उस पुरुष के शुक्राणु से न हुआ हो जो पिता बनना चाहता हो, बल्कि किसी और पुरुष के शुक्राणु से हुआ हो. "

मेडिकल सेंटर का कहना है कि इस ग़लती की संभावना कम है लेकिन फिर भी इससे इनकार नहीं किया जा सकता.

2012 में सिंगापुर में एक महिला ने एक क्लिनिक पर उनके पति के शुक्राणु में अजनबी शख्स का शुक्राणु मिला देने के लिए मुकदमा दर्ज कराया था.

चीनी मूल की महिला को तब शक़ हुआ जब उन्होंने अपने बच्चे की त्वचा और बालों के रंग को अपने कॉकेशियन मूल के पति से अलग पाया.

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