सेक्स टॉय कर रहा था जासूसी

सेक्स टॉय का धोखा? इमेज कॉपीरइट WE VIBE

सेक्स टॉय बनाने वाली कनाडा की एक कंपनी पर हज़ारों ग्राहकों के अंतरंग पलों की जासूसी करने का आरोप लगा है.

ओटावा स्थित स्टैंडर्ड इनोवेशन नाम की इस कंपनी के ख़िलाफ़ एक मुक़दमा दायर किया गया था जिसके बाद ये कंपनी अमरीकी यूज़र्स को 40 लाख डॉलर (कैनेडियन डॉलर) का सामूहिक भुगतान करने पर सहमत हो गई है.

लेकिन अन्य सेक्स टॉय इस्तेमाल करने वाले यूजर्स का क्या होगा? क्या इस मामले में सुरक्षा के नए उपायों पर लोगों को सोचना चाहिए?

कनाडाई सेक्स टॉ के ख़िलाफ़ मुक़दमा

स्टैंडर्ड इनोवेशन मामले में समस्या की जड़ एक ऐप था. वी कनेक्ट ऐप वी-वाइब वाइब्रेटर से जुड़ा था. इसी के ज़रिए कंपनी को लोगों की सेक्स से जुड़ी आदतों का डेटा भेजा जाता था. इसमें तापामान, सेटिंग्स और उपयोग से जुड़ी जानकारियां भी होती थीं.

कैंपस में सेक्स टॉय लिए क्यों घूम रहे हैं छात्र

इमेज कॉपीरइट Getty Images

सितंबर 2016 में ग्राहकों ने कंपनी पर निजता के अधिकार का उल्लंघन करने का आरोप लगाकर मुक़दमा दर्ज किया था. इस हफ़्ते कंपनी ने पिछले साल 26 सितंबर से पहले सेक्स टॉय ख़रीदने वाले अमरीकी ग्राहकों को हर्जाना देने पर सहमति जताई है.

सेक्स टॉय को 'देवदूत' समझ लिया

इस समझौते के मुताबिक़ जिन्होंने वी-कनेक्ट ऐप का इस्तेमाल किया था उन सभी को 10-10 हज़ार कनाडाई डॉलर का हर्जाना मिलेगा.

जिन ग्राहकों ने सेक्स टॉय ख़रीदा था लेकिन उससे जुड़े ऐप को एक्टिवेट नहीं किया था उन्हें 199 डॉलर तक हर्जाना मिलेगा. यह समझौता केवल अमरीका में ही प्रभावी होगा. स्टैंडर्ड इनोवेशन का कहना है कि ऐप की सिक्यॉरिटी बढ़ा दी गई है.

सेक्स टॉय में ऐप की ज़रूरत क्यों?

ब्रिटिश रिटेल चेन एन समर्स को सेक्स टॉय में महारथ हासिल है. इसका कहना है कि मार्केट अब तकनीक से लैस हो गया है. यह कंपनी 70 के दशक से है. इस कंपनी की प्रवक्ता किर्स्टी हेज़ेल ने कहा कि तब उनके उत्पाद में वाइब्रेशन नहीं होता था.

लंदन: 'सेक्स टॉय' की तरह रखी गई हैदराबादी महिला

बाद में इसे बैटरी की जगह यूएसबी चार्जर से लैस किया गया. इसके बाद इसमें ऐप आया. अब इसे और तकनीक से लैस किया जा रहा है.

वी-कनेक्ट ऐप यूज़र्स को मोबाइल फ़ोन से डिवाइस की तीव्रता को नियंत्रित करने में सक्षम बनाता है. ब्लू-टूथ तकनीक के ज़रिए दूसरा यूज़र भी अपने सेक्स टॉय को ऐक्टिवेट कर सकता है.

इमेज कॉपीरइट THINKSTOCK

स्टैंडर्ड इनोवेशन का कहना है कि उसने डेटा मार्केट रिसर्च के लिए जुटाया था, लेकिन कुछ यूजर्स को लगा कि यह उनकी निजता का उल्लंघन है.

मुक़दमे में इस बात की भी चिंता जताई गई है कंपनी को जो ईमेल आईडी उपलब्ध कराई गई है उससे इन सूचनाओं को जोड़ा जा सकता है.

हालांकि कंपनी ने कहा है कि वह ग्राहकों की निजी सूचना के साथ कोई धोखाधड़ी नहीं करेगी. कंपनी ने कहा कि डेटा का इस्तेमाल व्यक्तिगत आधार पर नहीं किया गया है बल्कि एक प्रचलन के रूप में देखा गया है.

एन समर्स का कहना है कि इंडस्ट्री इस मामले का अध्ययन कर रही है. इसकी प्रवक्ता ने कहा, ''हमलोग इसे लेकर काफी सतर्क हैं. ग्राहकों की सुरक्षा हमारी महत्वपूर्ण प्राथमिकता है. हमें उनकी सुरक्षा और डेटा दोनों का ख़्याल रखना चाहिए. सितंबर सुरक्षा से जुड़े जो बदलाव आएं हैं उनसे हम संतुष्ट हैं.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे