जननांग में जाली से बढ़ा दर्द, महिलाएं गईं कोर्ट

केट लैंगली
Image caption 'वजाइनल मेश इम्प्लांट' के बाद केट स्थाई रूप से दर्द से जूझ रही हैं

ब्रिटेन में 800 से ज्यादा महिलाओं ने नेशनल हेल्थ सर्विस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

इन महिलाओं को बच्चे की डिलिवरी के बाद उनके जननांग में एक जाली लगाई गई थी.

पेल्विक ऑर्गन या पेड़ू के आगे खिसक जाने या खुद से मल-मूत्र त्याग करने में आ रही समस्या के इलाज के लिए योनी में ये जाली लगाई जाती है.

लेकिन कुछ लोगों को इससे असुविधा का सामना करना पड़ा.

कुछ महिलाओं को स्थायी रूप से दर्द होने लगा, कुछ को चलने या काम करने में दिक्कत और यहां तक कि वे शारीरिक संबंध बनाने में भी असमर्थ हो गईं.

एक महिला ने इस 'वजाइनल इम्प्लांट' को 'बर्बर' करार दिया है.

Image caption योनी में फिट की जाने वाली जाली

असहनीय दर्द

ब्रितानी नियामक एजेंसी एमएचआरए ने प्रभावित महिलाओं से सहानुभूति जताई है.

केट लैंगली बच्चों की देखभाल का काम करती हैं. लेकिन अब उन्हें ये पेशा छोड़ना पड़ रहा है क्योंकि उनका दर्द सहने की हद पार कर गया है और वे इस स्थिति में बच्चों की देख-भाल नहीं कर सकतीं.

केट को पहली बार देखने वाली सर्जन ने बताया, "योनी से जाली बाहर आती हुई दिख रही थी."

एक और महिला की शिकायत केट जैसी ही थी. इस जाली की वजह से यौन संबंध बनाते समय उनके पार्टनर के गुप्तांग में चोट लग गई थी.

केट लैंगली ने बताया कि उनका दर्द इस कदर असहनीय था कि उन्हें 53 बार अस्पताल जाना पड़ा.

योनी में लगाई जाने वाली प्लास्टिक की ये जाली पॉलीप्रॉपलिन की बनी होती है. ये वही चीज है जिससे कुछ पेय पदार्थों की बोतलें बनाई जाती हैं.

Image caption क्लेयर कूपर को भी केट की तरह ही बच्चे की डिलवरी के बाद असहनीय तकलीफ का सामना करना पड़ा

डॉक्टरों की गलतफहमी

इसका निर्माण कई अलग-अलग कंपनियां करती हैं.

इनका इस्तेमाल बच्चे की डिलवरी के बाद पेशाब करने में हो रही असुविधा को दूर करने और वजाइना, गर्भाशय जैसे अंगों को सहारा देने में होता है.

क्लेयर कूपर को भी केट की तरह ही बच्चे की डिलवरी के बाद असहनीय तकलीफ का सामना करना पड़ा.

इसकी शुरुआत ऑपरेशन के तीन साल बाद हुई. डॉक्टरों को गलतफहमी हुई कि दर्द की वजह गर्भाशय है और उन्होंने उसे हटा दिया.

वे आज भी तकलीफ में जीती हैं और उनके पति उनका ख्याल रखते हैं. उन्होंने बताया, "पिछले साढ़े चार से हमने शारीरिक संबंध नहीं बनाया है. ये चीज शादी तोड़ने वाली है."

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सुरक्षित और असरदार

अप्रैल 2007 से मार्च, 2015 के बीच इंग्लैंड में 92 हज़ार महिलाओं को उनकी योनी में ये जाली लगाई गई.

आंकड़े बताते हैं कि 11 में से 1 महिला को इससे दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

अब पीड़ित महिलाओं ने जाली बनाने वाली कंपनी पर भी मुकदमा दायर किया है.

पीड़ित महिलाओं में से कई ने बीबीसी को बताया कि उन्हें डॉक्टरों ने इसके खतरे के बारे में आगाह नहीं किया था.

ब्रितानी नियामक एजेंसी एमएचआरए के प्रवक्ता का कहना है कि ये जाली सुरक्षित और असरदार है.

जानकारों का कहना है कि अगर पीड़ित महिलाएं केस जीत जाती हैं तो एनएचएस को भारी मुआवजा देना पड़ सकता है.

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