अगर साइबर हमलावर फ़िरौती मांगें तो ना दें

  • 16 मई 2017
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दुनिया भर के 150 देश के लाखों कंप्यूटर वानाक्राइ रैनसमवेयर की चपेट में आ गए हैं. इससे बचने के लिए विंडोज़ को अपडेट करने की सलाह दी जा रही है.

लेकिन अगर आपके कंप्यूटर में रैनसमवेयर पहुंच चुका है तो क्या करना चाहिए? विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर ऐसा होता है तो रैनसम यानी फ़िरौती की रकम ना दें.

इस रैनसमवेयर के ज़रिए फ़ाइल अनलॉक करने के लिए 300 डॉलर की फ़िरौती मांगी जा रही है.

अपना डेटा फिर से हासिल करने के लिए कुछ लोगों को ये बड़ी रकम नहीं लग सकती है. वो डेटा जो उनकी मर्ज़ी के बिना लॉक या इनक्रिप्ट कर दिया गया है.

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फ़िरौती देने से फ़ायदा नहीं

रैनसम राशि बिटकॉइन के ज़रिए मांगी जा रही है. एक ट्विटर बॉट फ़िरौती की रकम बिटक्वॉइंस में लेने के लिए बनाए गए ई-वॉलेट्स को ट्रैक कर रहा है.

ये डिजिटल वॉलेट्स वानाक्राई की साज़िश को अंजाम देने वाले लोगों ने बनाए हैं. इस ट्विटर बॉट के मुताबिक़ कुछ लोग फ़िरौती की रकम देने को तैयार हैं.

क्योंकि ये लोग अपराधियों से लेन-देन कर रहे हैं, ऐसे में ईमानदार ट्रांज़ैक्शन की उम्मीद करना बेमानी है.

साथ ही जिस तरीक़े से वानाक्राई को डिज़ाइन किया गया है, उसका दुखद पहलू ये है कि लोगों को अपनी फ़ाइलें वापस पाने की संभावनाएं बहुत कम हैं भले ही वो फ़िरौती की रकम का भुगतान कर दें.

यूके के हैकर हाउस के एक साइबर सिक्योरिटी शोधकर्ता मैथ्यू हिकी के मुताबिक़ "डिक्रिप्शन को किसी मैन्युअल ऑपरेटर के ज़रिए ही एक्टिवेट किया जाना चाहिए."

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बढ़ सकती है मुसीबत

सिक्योरिटी कंपनी प्रूफ़प्वॉइंट के एक ब्लॉग में लिखे पोस्ट में सलाह दी गई है कि हो सकता है कि वानाक्राई कोडिंग में फ़ाइलों को डिक्रिप्ट करने का कोड वास्तव में बनाया ही नहीं गया हो.

शोधकर्ता कहते हैं कि रैनसमवैयर के पीछे जो लोग हैं उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई है, उनकी तरफ़ से जवाब मिलने का अब भी इंतज़ार है.

सरे यूनिवर्सिटी के सुरक्षा विशेषज्ञ प्रोफेसर ऐलन वुडवर्क का कहना है कि पीड़ितों को भी अपनी फ़ाइलें अनलॉक करने के लिए अपराधियों से संपर्क की उम्मीद है.

वुडवर्क ने बीबीसी को बताया, "मुझे संदेह है कि कोई भी आपके कॉन्टेक्ट रिक्वेस्ट पर जवाब देगा, वो भी इस बात से सावधान रहेगा कि सारा ध्यान अभी इसी पर है. अगर कोई फ़िरौती देता है तो बिटकॉइन पर बैठे लोग और पैसा मांग सकते हैं. तो कोई मतलब नहीं है."

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क्या करना चाहिए?

अच्छी बात ये है कि घर पर कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वालों पर इसका असर कम ही होगा.

वानाक्राई ने बिना अपटेड किए गए विंडोज़ के ज़रिए बिज़नेस नेटवर्क को अपना निशाना बनाया है. घर में विंडोज़ इस्तेमाल करने वालों के लिए ये ख़तरा नहीं होगा.

दफ़्तर या इंस्टीट्यूट जो भी इस रैनसमवेयर की चपेट में आए हैं और जिनके पास अनलॉक की गई फ़ाइलों का बैकअप कंप्यूटर से अलग किसी ड्राइव में नहीं है तो दुर्भाग्य से अब वो उन्हें खो चुके हैं.

इसीलिए फ़ाइलों का किसी अलग ड्राइव या मशीन में बैकअप होना ज़रूरी होता है. अगर वानाक्राई आपके कंप्यूटर में है तो इसे हटाना संभव है, हालांकि प्रक्रिया सरल नहीं है.

एक टेक्निकल सपोर्ट वेबसाइट ब्लीपिंग कंप्यूटर के मुताबिक़ कंप्यूटर से इस संक्रमण को साफ़ करने के लिए कुछ प्रोग्राम डाउनलोड करने पड़ते हैं.

हालांकि लेखक का कहना है कि इससे रैनसमवेयर के ज़रिए इनक्रिप्ट की गई फ़ाइलों को डिक्रिप्ट नहीं किया जा सकेगा, जो फिर साबित करता है कि बैकअप के अलावा इसका और कोई विकल्प नहीं है.

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