सैमसंग गैलेक्सी एस8 के आई स्कैनर को धोखा देना संभव

  • 24 मई 2017
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सैमसंग के नए स्मार्टफ़ोन गैलेक्सी एस8 में इस्तेमाल होने वाली 'आईरिस स्कैनिंग तकनीक' यानी आंख की पुतली को देखकर खुलने वाले लॉक की तकनीक को धोखा देना संभव है.

तस्वीर का कॉन्टैक्ट लेन्स से सैमसंग की सुरक्षा तकनीक को धोखा दिया जा सकता है.

मदरबोर्ड नाम की वेबसाइट के मुताबिक केयोस कंप्यूटर क्लब के शोधकर्ताओं ने आंख की एक तस्वीर से ये कर दिखाया है.

सैमसंग के गैलेक्सी एस8 के लॉक को खोलने के लिए आईरिस स्कैनर में देखना भर काफ़ी होता, सैमसंग का दावा है कि आईरिस स्कैनर एक ज़बरदस्त सुरक्षा तकनीक है.

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बीबीसी से सैमसंग ने कहा है कि कंपनी को इस मामले के बारे में जानकारी है.

सैमसंग ने पिछले महीने ही अपना नया फ़ोन गैलेक्सी एस 8 और एस 8प्लस लांच किया है.

शोधकर्ताओं ने पहले एस8 के आईरिस स्कैनर में एक व्यक्ति की आंख का रजिस्ट्रेशन कर फ़ोन की सुरक्षा को स्थापित किया.

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फिर एक डिजिटल कैमरा में इंफ्रा-रेड नाइट विज़न सेटिंग के ज़रिए एक अन्य व्यक्ति की आंख की तस्वीर ले ली.

इस तस्वीर का प्रिंट लेकर शोधकर्ताओं ने इसके आगे कॉन्टैक्ट लेन्स रखा.

शोधकर्ताओं की एक टीम ने एस8 स्मार्टफ़ोन के सामने इस तस्वीर को रखकर अनलॉक करने का एक वीडियो भी इंटरनेट पर जारी किया है,

सैमसंग का दावा है कि आईरिस स्कैनिंग तकनीक का सुरक्षा के लिहाज़ से कड़ा परीक्षण किया गया है.

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कंपनी की तरफ़ से कहा गया है कि अगर इस तकनीक में कोई कमज़ोरी है या फिर इसे चुनौती देने का कोई नया तरीका है तो कंपनी एस8 की सुरक्षा को पुख़्ता करने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाएगी."

सुरक्षा विशेषज्ञ केन मुनरो का कहना है कि इससे साफ़ हो जाता है कि बायोमैट्रिक्स गंभीर समस्याओं का आसान सा हल नहीं है.

वो कहते हैं, " अगर आप वाक़ई सुरक्षित होना चाहते हैं तो फिंगर प्रिंट और एक गोपनीय नंबर चुनिए. अगर आप आईरिस लॉक इस्तेमाल करना चाहते हैं तो अपनी आंखों को बंद करके चलिए ताकि कोई आपकी आंखों की पुतली की तस्वर न खींच ले. "

गैलेक्सी एस8 में आईरिस स्कैनर की जगह पासवर्ड या गोपनीय नंबर का भी विकल्प दिया गया है.

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