कहीं आप रोज़ाना ऐस्प्रिन तो नहीं ले रहे हैं

  • 14 जून 2017
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दिल के दौरे और स्ट्रोक के बाद रोज़ाना ऐस्प्रिन लेने वाले 75 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए ये बहुत ख़तरनाक हो सकता है.

लैंसेट में प्रकाशित शोध के मुताबिक इससे पेट में काफ़ी रक्तस्राव हो सकता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक रक्तस्राव से बचाव के लिए बुज़ुर्गों को पेट की सुरक्षा करने वाले पीपीआई पिल्स लेने चाहिए.

इन वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐस्प्रिन लेने से दिल के दौरे की आशंका कम होती है, ऐसे में ऐस्प्रिन का सेवन अचानक से बंद किया जाना भी ख़तरनाक हो सकता है.

रोज़ ऐस्प्रिन से कैंसर का ख़तरा कम

रोज़ रोज़ एस्प्रिन लेना अच्छी बात नहीं!

वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐस्प्रिन सेवन करने वाले लोगों को दवा में किसी बदलाव से पहले चिकित्सकों से सलाह लेनी चाहिए. आम तौर पर डॉक्टर किसी भी शख़्स को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें लाइफ़ टाइम रोज़ाना ऐस्प्रिन लेने की सलाह देते हैं.

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लेकिन शोधकर्ताओं के मुताबिक ऐस्प्रिन से पेट में रक्तस्राव होने की आशंका बढ़ती है. हालांकि 75 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में अब तक के दूसरे शोधों के मुताबिक रक्तस्राव होने का ख़तरा कम होने का दावा किया जाता रहा है.

ये शोध ब्रिटेन के ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी का है. इस शोध अध्ययन में 3,166 मरीजों को शामिल किया गया. ये वो लोग हैं जिन्हें दिल का दौरा आ चुका था और डॉक्टरों ने इन्हें ऐस्प्रिन लेने या रक्त को पतला करने वाले दूसरी दवाइयां लेने को कहा हुआ था.

75 साल से कम हैं तो...

इस शोध में देखा गया कि 65 साल से कम उम्र के प्रति 200 लोगों में एक आदमी के पेट में रक्तस्राव की आशंका थी, वहीं 75 से 84 साल के लोगों के लिए प्रति 200 लोगों में तीन आदमी में रक्तस्राव की आशंका देखी गई.

अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता प्रोफ़ेसर पीटर रॉचवेल कहते हैं, "हमारे नए अध्ययन के मुताबिक 75 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में ऐस्प्रिन सेवन से ख़तरा ज़्यादा होता है."

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वहीं शेफ़ील्ड यूनिवर्सिटी के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. टिम चिको बताते हैं कि ये महत्वपूर्ण अध्ययन है. हालांकि टिम के मुताबिक ऐस्प्रिन कईयों के लिए ख़तरनाक नहीं भी होता है.

ब्रिटेन में मौजूदा प्रावधानों के मुताबिक ज़्यादा ख़तरे की चपेट में आने वाले लोगों को ऐस्प्रिन के साथ साथ पीपीआई पिल्स दिया जा रहा है.

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