'मोटापे से निपटने के लिए वज़न कम न करें'

मोटापा

तमाम हेल्थ रिपोर्टें इस निष्कर्ष से भरी हुई हैं कि मोटापा एक ग्लोबल समस्या है.

मोटापे को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा है और यह चिंता का एक बड़ा विषय भी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के साल 2014 में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ दुनिया में 600 मिलियन यानी 60 करोड़ से ज़्यादा लोग मोटापे का शिकार हैं.

मोटापे का हल इनके पास है

इस आधार पर विश्व स्वास्थ्य संगठन भी मोटापे को एक ग्लोबल समस्या मानता है.

लेकिन प्रोफ़ेसर ट्रेसी मैन कहती है कि यह कोई समस्या नहीं है. इसके निपटना आसान है और इसका हल उनके पास है.

प्रोफ़ेसर ट्रेसी का दावा कई डॉक्टरों और रिसर्चरों को विवादास्पद लग सकता है और वह उनके दावे से असहमत हो सकते हैं.

बहरहाल, ट्रेसी मैन सोशल और हेल्थ साइकोलॉजी की प्रोफ़ेसर हैं. वो कहती हैं, "जब डॉक्टरों के सामने मैं कहती हूं कि मोटापा कोई ग्लोबल समस्या नहीं है, तो वो नाराज़ होते हैं. लेकिन वो यह बात भी मानते हैं कि मोटापे से कोई मरने वाला नहीं है."

दुबले लोगों की तुलना में...

ट्रेसी कहती हैं कि जो लोग मोटे हैं उनका जीवनकाल किसी भी तरह से दुबले लोगों की तुलना में कम नहीं है. जबकि ज़्यादा पतले लोग हमेशा कई किस्म की बीमारियों के शिकार होने के ख़तरे में जीते हैं.

ट्रेसी यह ज़रूर मानती हैं कि अत्याधिक मोटापे के शिकार लोग कुछ बीमारियों के ख़तरे में आ सकते हैं. लेकिन सामान्य मोटापा ऐसा कोई ख़तरा पैदा नहीं करता.

फिर मोटापे की समस्या को लेकर इतनी चर्चा क्यों है? इसके जवाब में ट्रेसी कहती हैं कि इसके कई कारण हैं. मोटापा जानलेवा तब होता है, जब आदमी सुस्त हो और दिनभर बैठा रहता हो. उसकी आमदनी कम हो और वो स्ट्रेस में हो. साथ ही किसी छोटी बिमारी का इलाज कराने में असमर्थ हो.

वज़न न घटे तो भी...

ट्रेसी कहती हैं कि इस बात में कोई शक नहीं कि हृदय संबंधित बीमारियां और मधुमेह, दोनों ही मोटे लोगों को होने का ज़्यादा ख़तरा रहता है. लेकिन अगर वो वर्जिश करें, अपने शरीर को फ़ंक्शन में लाएं, भले ही मोटापा कम नहीं हो, तो भी वो फिट रह सकते हैं.

ट्रेसी कहती हैं कि स्केल पर अंतर देखने के लिए वर्जिश करना ठीक नहीं है. ज़रूरत है सिर्फ़ वर्जिश करने की. दिन में करीब एक घंटा. इसके बाद वज़न कम नहीं होता, तो भी चिंता नहीं करें.

हालांकि ट्रेसी सुझाव देती हैं कि मोटे लोगों को वज़न मापने से ज़्यादा ब्लड प्रेशर चेक करना चाहिए. इससे उन्हें अपने स्वास्थय के बारे में ज़्यादा बेहतर पता लगेगा.

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