हल्दी से कैंसर का इलाज संभव

चिकन करी
Image caption शोध बताते हैं कि हल्दी में कैंसर कोशिकाओं को मारने की क्षमता होती है.

भारतीय लोग तो हल्दी के फ़ायदों से परिचित हैं ही लेकिन अब वैज्ञानिकों ने भी साबित कर दिया है कि हल्दी में कैंसर कोशिकाओं को मारने की क्षमता होती है.

लम्बे समय से यह माना जाता रहा है कि हल्दी में पाए जाने वाले रसायन 'करक्यूमिन' में रोगहारी शक्ति होती है जो गठिया और मनोभ्रंश या डिमेंशिया जैसी बीमारियों के इलाज में प्रभावी सिद्ध हो चुकी है.

ब्रिटेन के कॉर्क कैंसर रिसर्च सेंटर में किए गए परीक्षण दिखाते हैं कि प्रयोगशाला में जब करक्यूमिन का प्रयोग किया गया तो उसने गले की कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर दिया.

डॉ शैरन मैक्केना और उनके दल ने पाया कि करक्यूमिन ने 24 घंटों के भीतर कैंसर की कोशिकाओं को मारना शुरु कर दिया.

कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिटिश जरनल ऑफ़ कैंसर में प्रकाशित यह खोज कैंसर के नए इलाज विकसित करने में सहायक हो सकती है.

प्राकृतिक चिकित्सा

ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने पाया कि जब करक्यूमिन ने कोशिकाओं में मारने के संकेत भेजना शुरु किया तो ये कोशिकाएं अपने को ही हज़म करने लगीं.

डॉ मैक्केना कहती हैं, " एक लम्बे समय से वैज्ञानिक ये जानते हैं प्राकृतिक यौगिकों में ऐसी दोषपूर्ण कोशिकाओं का इलाज करने की क्षमता होती है जो कैंसरयुक्त हो गई हैं. और हमें लगता था कि हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन में चिकित्सा क्षमता हो सकती है."

कैंसर रिसर्च यूके में कैंसर इंफ़ॉर्मेशन की निदेशक डॉ लैज़्ली वॉकर कहती हैं, " ये बड़ा रोचक शोध है जो इस बात की संभावनाएं जगाता है कि हल्दी में पाए जाने वाले प्राकृतिक रसायन से गले के कैंसर के नए इलाज विकसित किए जा सकते हैं."

उन्होने कहा, " गले के कैंसर की दर सत्तर के दशक की तुलना में दोगुने से भी अधिक हो गई है. और यह माना जाता है कि इसका संबंध मोटापे और अल्कोहल का उपभोग करने से है. इसलिए इसका इलाज ढूंढना बहुत ज़रूरी है."

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