एस्पिरिन से आंतरिक रक्तस्राव का ख़तरा

एस्पिरिन की गोली
Image caption दिल के दौरे या पक्षाघात से बचने के लिए एस्पिरिन का प्रयोग बंद होना चाहिए.

जिन लोगों को दिल की बीमारी नहीं है उन्हे दिल के दौरे या पक्षाघात से बचने के लिए एस्पिरिन का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

ब्रिटन की ड्रग्स एंड थेरेप्यूटिक्स बुलेटिन नामक मासिक पत्रिका में छपे इस शोध का कहना है कि एस्पिरिन के नियमित प्रयोग से आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है और यह दिल की बीमारी से होने वाली मौत को भी नहीं रोकता.

जिन लोगों को दिल का दौरा पड़ चुका है या पक्षाघात हो चुका है उन्हे इस तरह के और दौरों से बचाने के लिए कम मात्रा में एस्पिरिन दी जाती है. इसे रोकथाम के नाम से जाना जाता है और इसके लाभ भी प्रमाणित हो चुके हैं.

लेकिन बड़ी संख्या में लोग ये समझते हैं कि अगर एस्पिरिन का नियमित प्रयोग किया जाए तो उनका हृदय रोगों से बचाव हो सकता है.

नियंत्रित प्रयोग

पहले डीटीबी ने 50 से अधिक आयु वालों, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के शिकार लोगों को हृदय रोग से बचाव के लिए एस्पिरिन दिए जाने की सिफ़ारिश की थी.

लेकिन अब डीटीबी ने 95,000 रोगियों पर प्रयोग करके यह पाया है कि एस्पिरिन के नियमित इस्तेमाल से आंतों में रक्तस्राव का गंभीर ख़तरा पैदा हो जाता है और हृदय रोग से बचाव न के बराबर होता है.

डीटीबी के सम्पादक डॉ आइके इकेनाचो ने कहा, “प्राथमिक बचाव के मौजूदा प्रमाण ये बताते हैं कि एस्पिरिन के फ़ायदे और नुकसान के बीच बहुत बारीक संतुलन है. उन लोगों में भी जिन्हे दिल का दौरा पड़ने का ख़तरा है या जो मधुमेह या उच्च रक्तचाप के शिकार हैं.”

ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन में काम करने वाली एक वरिष्ठ हृदयरोग नर्स जून डेविडसन कहती हैं, “ये तो सिद्ध हो चुका है कि एस्पिरिन हृदय रोगियों को दिल का दौरा पड़ने या पक्षाघात से बचाती है इसलिए इन्हे अपने डॉक्टर की सलाह पर एस्पिरिन लेते रहना चाहिए. लेकिन जिन्हे हृदय रोग या रक्त संचार संबंधी रोग नहीं है उनमें आंतरिक रक्तस्राव का ख़तरा एस्पिरिन के फ़ायदे से कहीं अधिक है”.

हृदय रोग से बचने का सबसे अच्छा उपाय है धूम्रपान, वसायुक्त ख़ुराक से बचना और फल सब्ज़ी अधिक खाना और व्यायाम करना.

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