अमरीका तय करेगा प्रदूषण की सीमा

बराक ओबामा
Image caption बराक ओबामा ने पद संभालने के बाद कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए लक्ष्य तय करने का वादा किया था

व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार अमरीका अगले महीने होने वाले कोपेनहेगन सम्मेलन से पहले ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन घटाने की सीमा तय करेगा.

हालांकि अभी यह घोषणा नहीं की गई है कि यह कटौती कितनी होगी लेकिन उम्मीद की जा रही है कि यह सीमा सीनेट में पेश किए जा रहे विधेयक के अनुरूप ही होगी, जिसमें कहा गया है कि वर्ष 2005 की तुलना में वर्ष 2020 तक उत्सर्जन में 17 से 20 प्रतिशत की कमी की जाएगी.

कार्बन गैसों के उत्सर्जन में कटौती के लिए कोई अमरीकी लक्ष्य घोषित न होना ही कोपेनहेगन सम्मेलन में किसी समझौते के रास्ते में रोड़े की तरह देखा जा रहा है.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक साल पहले जब कार्यभार संभाला था तो उन्होंने पर्यावरण पर दुनिया भर के नेताओं से वादा किया था लेकिन सीनेट में विधेयक में देर हो चुकी है.

दबाव

अभी राष्ट्रपति ओबामा ने यह तय नहीं किया है कि वे कोपेनहेगन सम्मेलन में हिस्सा लेंगे या नहीं.

कोपेनहेगन सम्मेलन के अधिकारियों ने पिछले सप्ताहांत ही घोषणा की है कि दो हफ़्तों तक चलने वाली चर्चा में 60 देशों के प्रमुख हिस्सा लेने वाले हैं.

अमरीकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि बराक ओबामा उसी सूरत में वहाँ जाएँगे यदि लगता है कि उनकी मौजूदगी से 192 देशों के बीच किसी समझौते की संभावना बढ़ती है.

यूएस क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क उत्सर्जन के लक्ष्य निर्धारित करने के लिए काम कर रही संस्थाओं की प्रतिनिधि संस्था है. इसके निदेशक पीटर बाहोथ कहते हैं, "अमरीका पर दबाव रहा है कि वह कोपेनहेगन सम्मेलन में खाली हाथ जाने की बजाय कुछ लेकर जाए, मेरा ख़याल है कि जो कुछ हो रहा है वह इसी दबाव का असर है."

पिछले हफ़्ते ही बराक ओबामा ने कार्बन उत्सर्जन के मामले में दुनिया के कई नेताओं से बात की है, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ और जापान के प्रधानमंत्री यूकियो हातोयामा शामिल हैं.

अमरीकी संसद की प्रतिनिधि सभा ने तो जून में एक विधेयक को मंज़ूरी दे दी थी जिसमें कार्बन उत्सर्जन की सीमा तय करने और कार्बन ट्रेडिंग पर एक राष्ट्रीय योजना बनाने की बात कही गई है.

लेकिन इसी विधेयक की रफ़्तार सीनेट में धीमी है और संभावना नहीं है कि अगले साल मार्च से पहले यह विधेयक वहाँ से पारित हो सकेगा.

अभी यह तय नहीं है कि अमरीका की ओर से लक्ष्य की घोषणा कब होगी लेकिन विशेषज्ञों को लगता है कि अब समय बहुत कम रह गया है क्योंकि सम्मेलन सात दिसंबर से शुरु होना है.

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