भारतीय हैं चीनियों के पूर्वज!

जीन मैपिंग

एक शोध से ये जानकारी सामने आई है

चीन, जापान और दूसरे पूर्वी एशियाई देशों में आज जो भी आबादी है उसके पूर्वज भारत से गए थे.

'मैपिंग ह्यूमन जेनेटिक हिस्टरी इन एशिया' नामक एक अध्ययन के मुताबिक़ हज़ारों साल पहले अफ्रीका से लोग भारत आए और फिर यहाँ से चीन और दूसरे एशियाई देशों तक पहुँचे.

ये चौंकाने वाली जानकारी 10 एशियाई देशों की ओर से मानव वंशानुगत इतिहास के अध्ययन में हुआ है.

दस देशों की वैज्ञानिकों की टीम में भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल थे.

काउन्सिल ऑफ़ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) के महानिदेशक समीर ब्रह्मचारी ने पत्रकारों को बताया कि पूर्वी एशियाई देशों के ज़्यादातर लोगों के पूर्वज दक्षिण भारत से ही हैं.

बीबीसी से हुई बातचीत में दिल्ली स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ़ जेनोमिक्स एंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी के निदेशक राजेश गोखले ने इस नए सर्वेक्षण के पुख्ता होने की बात स्वीकार की.

विज्ञान जगत के मशहूर साइंस जर्नल में भी इस रिपोर्ट को प्रमुखता से छपा गया है. इस सर्वेक्षण से पता चला है की क़रीब एक लाख साल पहले लोग समुद्र के किनारे चलते-चलते भारत पहुँचे और फिर भारत से वे दक्षिण और पूर्वी एशिया की तरफ गए.

अहम कड़ी

मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी में मानव जीन पर सालों से शोध कर रहे डॉ आरएन पिच्च्पन ने इस शोध पर कहा, "हमारे शोध में ये पता चल गया था कि दक्षिण भारत का इलाक़ा लोगों के कई और इलाक़ों में जाने के लिए एक अहम कड़ी था. वजह था यहाँ पर पनपने का अनुकूल वातावरण."

उनका कहना है कि उनके शोध से ये बात भी उजागर हुई कि लोग अफ्रीका से यहाँ पर आने के बाद पूर्वी एशिया और यहाँ तक की ऑस्ट्रेलिया की तरफ भी फैले.

उन्होंने बताया, "मेरे हिसाब से ये बात कोई सत्तर हज़ार साल पहले की तो होगी ही, तो ज़ाहिर है अगर ये नया अध्ययन कहता है कि भारतीय चीनियों के पूर्वज हैं, तो बिल्कुल हो सकता है."

वैज्ञानिकों के मुताबिक़ इस नए शोध से मानव आबादी की पलायन प्रवृत्ति के इतिहास को समझने और दवाओं के अनुसंधान में काफ़ी मदद मिलेगी.

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