गूगल का पहला मोबाइल फ़ोन

Image caption ये फ़ोन गूगल की वेबसाइट के ज़रिए उपलब्ध होगा

इंटरनेट सर्च कंपनी गूगल ने अपना पहला मोबाइल फ़ोन नेक्सस वन बाज़ार में उतारने की घोषणा की है.

नेक्सस वन टचस्क्रीन फ़ोन है जिसे ताइवान की कंपनी एचटीसी के साथ मिलकर तैयार किया गया है. यही कंपनी गूगल के एनड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम को भी चलाती है.

नेक्सस वन फ़ोन गूगल वेबसाइट के ज़रिए बेचा जाएगा और शुरुआत में ये अमरीका में टी-मोबाइल नेटवर्क और यूरोप में वोडाफ़ोन पर उपलब्ध होगा.

गूगल से सीधे खरीदने पर इसकी क़ीमत 529 डॉलर होगी और अगर टी-मोबाइल से अनुबंध है तो कीमत 179 डॉलर होगी.

गूगल में प्रोडक्ट मैनेजमेंट के उपाध्यक्ष मारियो क्वीरोज़ ने नए फ़ोन के लॉन्च को एनड्रॉएड के विकास में अगला क़दम बताया है.

उन्होंने कहा कि अब 48 देशों में विभिन्न नेटवर्कों पर 20 एनड्रॉएड फ़ोन उपलब्ध है.

गूगल फ़ोन

लॉन्च के मौके पर एचटीसी के मुख्य कार्यकारी पीटर चो ने कहा, “ये नया फ़ोन एक माध्यम है जहाँ वेब और फ़ोन का मेल हो रहा है. आज की तारीख़ में फ़ोन पर क्या कुछ संभव है ये फ़ोन इसके नए पैमाने तय करेगा.”

माना जा रहा है कि नेक्सस वन का लॉन्च ये सुनिश्चित करने का एक तरीका है कि गूगल प्रासंगिक रहे क्योंकि लोग अपने कंप्यूटर पर सर्च करने के बजाए अब अपने मोबाइल फ़ोन पर ज़्यादा सर्च करते हैं.

गूगल की आमदनी का मुख्य ज़रिया है सर्च इंजन में लोगों के सवालों के साथ जुड़े विज्ञापन.

गूगल ने अपना ख़ुद का फ़ोन पोर्टल बनाया है जिसके ज़रिए लोग हैंडसेट ख़रीद सकते हैं- या तो सीधे गूगल से या किसी मोबाइल ऑपरेटर से.

विशेषज्ञ कैरलीना मिलानेसी का मानना है कि यही इसका मुख्य आकर्षण होगा क्योंकि लोग अपनी पसंद से तय कर पाएँगे कि वो किस ऑपरेटर की सेवा लेना चाहते हैं यानी लोग फ़ोन खरीदेंगे और अपनी पसंद का सिम डलवा सकते हैं.

जो लोग अनलॉक्ड फोन खरीदेगें वो किसी भी नेटवर्क पर इसे जीएसएम फ़ोन की तरह इस्तेमाल कर पाएँगे.

वोडाफ़ोन ने बताया कि नेक्सस वन फ़ोन अगले कुछ हफ्तों में गूगल की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा.

शोध कंपनी गार्टनर के आँकड़ों के मुताबिक स्मार्टफ़ोन बाज़ार में एनड्रॉएड का हिस्सा 3.5 फ़ीसदी है. नोकिया का 39 फ़ीसदी हिस्सा जबकि ऐपल का 17 फ़ीसदी.

पांच जनवरी को ये बात सामने आई है कि गूगल ने अपना नेक्सस फ़ोन दिसंबर में उद्योग जगत के कुछ लोगों को दिया था ताकि वे इसका जायज़ा ले सकें लेकिन उन्हें कहा गया था कि नए फ़ोन के बारे में किसी से बात न करें.

गूगल ने मोबाइल फ़ोन पर ‘पे एज़ यू गो’ विज्ञापन लॉन्च करने की भी घोषणा की है. ये विज्ञापन वैसे ही होंगे जैसे वेबसाइट पर होते हैं जिन्हें क्लिक करने के लिए पैसा देना पड़ता है. गूगल की ज़्यातादर आमदनी यहीं से होती है.

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