भरे हुए होंठ और जवानी

ऐन्जेलिना जोली
Image caption हॉलीवुड़ की अभिनेत्री ऐन्जेलिना जोली के भरे हुए होंठ बड़े आकर्षक समझे जाते हैं.

जिन महिलाओं के भरे हुए और कसे होंठ होते हैं वो अपनी उम्र से छोटी दिखाई देती हैं.

यूनिलिवर के वैज्ञानिक डेविड गन ने एक शोध से पाया कि भरे हुए होंठ वाली महिलाओं के अगर कुछ झुर्रियां या सफ़ेद बाल हों तो भी वो अपनी उम्र से कम दिखाई पड़ती हैं.

डेविड गन ने 250 से ज़्यादा महिलाओं पर यह शोध किया जिससे यह पता चला कि पतले होंठ आनुवांशिक कारणों से होते हैं और इन पर हमारे पर्यावरण का कोई असर नहीं पड़ता.

यह शोध प्लस वन पत्रिका में प्रकाशित हुआ है. शोधकर्ताओं ने 60 से ऊपर आयु वाली महिलाओं के होंठो की मोटाई में काफ़ी भिन्नता देखी.

सबसे पतले होंठो की मोटाई ऊपर के होंठ के ऊपरी सिरे से लेकर निचले होंठ के निचले सिरे तक 3 मिलीमीटर नापी गई जबकि मोटे भरे हुए होंठ 2.2 सेंटीमीटर तक नापे गए.

डेविड गन का कहना है, "जब हमने उन महिलाओं की पहचान की जो अपनी आयु से कम दिखती हैं तो हम उनके होंठो की भिन्नता को देखकर दंग रह गए".

भरे हुए होंठ

विशेषज्ञ जानते हैं कि होंठ युवावस्था में सबसे अधिक भरे हुए होते हैं.

अधिकतर लोगों के होंठ 30 और 40 वर्ष की आयु के बीच सिकुड़ने शुरू हो जाते हैं. जिनके होंठ अधिक सिकुड़ते हैं वो अपनी उम्र से अधिक लगने लगते हैं.

हालाँकि शल्य चिकित्सा और बोटॉक्स के इंजेक्शन लगवा कर होंठों के आकार को बढ़ाया जा सकता है लेकिन विशेषज्ञ इस बात पर एकमत नहीं हैं कि इससे कोई ख़ास अंतर पड़ता है.

बल्कि कोलेजन या सिलिकॉन के इम्प्लांट लगाने के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं.

फ़िल्म अभिनेत्री लैस्ली ऐश ने इसी तरह की शल्य चिकित्सा कराई थी जो बिगड़ गई और उनके होंठो को स्थायी नुकसान पहुंचा.

डेविड गन का कहना है कि इस तरह की शल्य चिकित्सा से अधेड़ या वृद्ध महिलाओं को कोई विशेष लाभ नहीं होता.

होंठों की मोटाई आनुवांशिकता पर आधारित है इसलिए अगर आपके भीतर ऐसे जीन्स हैं तो आप भाग्य के धनी हैं वर्ना बुढ़ापा तो सबको आना ही है.

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