'अश्लील साहित्य बेहतर है'

पोर्न
Image caption जेरेमी के बयान की आलोचना हो रही है

प्रसिद्ध पोर्न स्टार रॉन जेरेमी का दावा है कि बच्चों पर हिंसक वीडियो गेम्स का नकारात्मक प्रभाव अश्लील साहित्य से कहीं अधिक है.

जेरेमी की सलाह है कि माता-पिता को ऐसे गेम्स के हानिकारक प्रभाव से अधिक चिंतित होना चाहिए.

पोर्न स्टार ने ये बातें अमरीकी शहर लास वेगस में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स शो के दौरान पोर्नोग्राफ़ी अर्थात अश्लील साहित्य पर आयोजित एक चर्चा में कही.

जेरेमी के इस ताज़ा बयान से विवाद खड़ा हो गया है और वीडियो गेम्स बनाने वालों ने इसकी तीखी आलोचना की है.

वीडियो गेम्स बनाने वालों ने जेरेमी पर 'लापरवाही' का आरोप लगाया है.

प्रभाव

हिंसक वीडियो गेम्स का हवाला देते हुए जेरेमी ने कहना था, "अध्ययन बताते हैं कि हिंसक गेम्स बच्चों पर अधिक नकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं."

उनके इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गेमिंग न्यूज़ के जिम स्टर्लिंग ने कहा, "ये पाखंडी आचरण है, कोई अश्लील साहित्य की वकालत इस बुनियाद पर नहीं कर सकता कि कोई दूसरी चीज़ अधिक ग़लत है."

हालांकि एक अन्य वीडियो गेमिंग साइट पर एंडी चाक ने लिखा कि जेरेमी के बयान की पूरी तरह से अनदेखी नहीं की जा सकती.

जेरेमी ने चर्चा के दौरान माता-पिता से ये भी आग्रह किया कि बच्चे वयस्क साइटों पर न जाए इसके लिए उन्हें कोशिशें करनी चाहिए. उनके अनुसार उद्योगजगत जो काम कर सकता था वो कर चुका है.

उनका कहना था कि माता-पिता इस तरह के साइटों को ब्लॉक कर सकते हैं.

Image caption वीडियो गेम्स बनाने वालों ने जेरेमी पर 'लापरवाही' का आरोप लगाया है.

जेरेमी कहते हैं, "माता-पिता को इस बात पर नज़र रखनी चाहिए कि ऑनलाइन उनके बच्चे क्या कर रहे हैं और दूसरों पर आरोप नहीं लगना चाहिए."

लेकिन ऐसा नहीं है कि सभी उनके बयान की आलोचना ही कर रहे हैं. वयस्क मनोरंजन के आलोचकों ने उनके बयान का स्वागत किया है.

पोर्न की लत में पड़ने वालों की मदद करने वाले क्रेग ग्रोस का कहना था, "माता-पिता इस मुद्दे पर बच्चों से खुलकर बात नहीं करते. उन्हें इसके बारे में बच्चों से बात करनी ही चाहिए, क्योंकि टेक्नॉलोजी के मामले में बच्चे अभिभावकों से अधिक चालाक हैं. माता-पिता को चाहिए कि वो अधिक नज़र रखें और अधिक सक्रिय रहें."

अमरीका में पोर्न का बाज़ार क़रीब दस अरब डॉलर का है.

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