सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण

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Image caption ग्रहण को देखने के लिए लोगों में उत्सुकता रहती है

इस सदी में सबसे अधिक अवधि तक दिखाई देने वाले वलयाकार सूर्यग्रहण शुक्रवार को पड़ेगा. ये सूर्यग्रहण 11 मिनट 08 सेकंड से अधिक समय तक रहेगा.

भारत के कुछ हिस्सों में यह दस मिनट से अधिक समय तक दिखेगा.

भारत में यह केरल, तमिलनाडु और मिजोरम के ऊपर दिखाई देगा जबकि उसका कुछ हिस्सा देश में सभी जगह से नज़र आएगा.

भारत के अलावा सूर्यग्रहण अफ्रीका, हिन्द महासागर, मालदीव, श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया में दिखाई देगा.

सूर्यग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और इसकी छाया सूर्य पर पड़ती है जिसकी वजह से सूर्य आंशिक अथवा पूरी तरह सूर्य ढक जाता है.

उत्सुकता

उल्लेखनीय है कि वलयाकार सूर्यग्रहण तब लगता है जब चाँद सामान्य की तुलना में धरती से दूर हो जाता है. नतीजतन उसका आकार इतना नहीं दिखता कि वह पूरी तरह सूर्य को ढक ले. वलयाकार सूर्यग्रहण में चाँद के बाहरी किनारे पर सूर्य रिंग यानि अंगूठी की तरह काफ़ी चमकदार नजर आता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि खाली आँखों से सूर्यग्रहण देखना हानिकारक होता है.

वैज्ञानिक ग्रहण को देखने के लिए उत्सुक रहते हैं और वे इसे अध्ययन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं.

सूर्यग्रहण को लेकर कई अंधविश्वास प्रचलित हैं और आमतौर से ग्रहण को अशुभ माना जाता है.

इस दौरान लोग धार्मिक स्थलों में जाते हैं और नदियों और सरोवरों में स्नान करते हैं. इस अवसर पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र में स्नान के लिए भारी भीड़ जमा होती है.

कहा जाता है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर नहीं निकलना चाहिए. हालांकि वैज्ञानिक इसे स्वीकार नहीं करते हैं.

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