अमेज़न के जंगलों में बाँध को अनुमति

ज़िंगू नदी
Image caption ज़िंगू नदी के तट पर जंगलों को हो रहे नुक़सान को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है

ब्राज़ील सरकार ने अमेज़न में एक जलविद्युत परियोजना के लिए बनने वाले विवादित बाँध को पर्यावरणीय अनुमति प्रदान कर दी है.

निर्माण पूरा होने के बाद बेलो मॉन्टे अपनी तरह का दुनिया का तीसरा बड़ा बाँध होगा. दो बड़े बाँधों में से एक चीन का 'थ्री गॉर्जेस' और ब्राज़ील-पराग्वे की सीमा पर स्थित 'इताइपू' है.

पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्थाओं का कहना है कि इस बाँध के बनने से अमेज़न के वर्षावनों का बड़ा भाग नष्ट हो जाएगा और साथ ही कई आदिवासी समुदायों के अस्तित्व पर ख़तरा खड़ा हो जाएगा.

हालांकि सरकार ने कहा है कि जो भी इस बाँध का निर्माण करेगा उसे पर्यावरण को होने वाली क्षति की पूर्ति के लिए 80 करोड़ डॉलर की राशि देनी होगी.

लेकिन बाँध के निर्माण के लिए पर्यावरणीय अनुमति से इस जलविद्युत परियोजना के लिए निजी कंपनियों का रास्ता साफ़ हो गया है.

सरकार का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद ब्राज़ील के क़रीब ढाई करोड़ घरों को बिजली मिलेगी.

विवाद

उत्तरी ब्राज़ील में यह बाँध ज़िंगू नदी पर बनना है जो अमेज़न की सहायक नदी है.

Image caption बाँध के इलाके़ में बड़ी संख्या में आदिवासी रहते हैं

इस परियोजना को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है. 90 के दशक में ब्राज़ील सहित दुनिया भर में हुए विरोध प्रदर्शनों की वजह से इस परियोजना को रोक दिया गया था.

सरकार का कहना है कि बाँध के इलाक़े में रहने वाले आदिवासी लोगों को लेकर जताई जा रही चिंताओं को ध्यान में रखकर इस परियोजना में आवश्यक बदलाव कर दिए गए हैं.

ब्राज़ील सरकार के पर्यावरण मंत्री कार्लोस मिंक ने कहा है कि बेलो मॉन्टे बाँध को बनाने और चलाने का ठेका जिस निजी कंपनी को मिलेगा उसे पर्यावरण की रक्षा के लिए करोड़ों डॉलर देने पड़ेंगे और 40 अन्य शर्तें माननी होंगीं.

हालांकि इसका विरोध करने वाले कह रहे हैं कि ज़िंगू नदी का प्रवाह बदलने से बड़े इलाक़े में वर्षावन नष्ट हो जाएँगे और इस नदी में मछलियों को नुक़सान पहुँचेगा.

उनका कहना है कि इस बाँध की वजह से 500 वर्ग किलोमीटर के इलाक़े में पानी भर जाएगा और 40 हज़ार परिवार प्रभावित होंगे.

ऐसे समय में जब ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था ढलान पर है, ब्राज़ील सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि जलविद्युत परियोजनाएँ ही अगले एक दशक तक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकेंगीं.

सरकार ने अमेज़न के क्षेत्र में 70 जलविद्युत परियोजनाओं की योजना बनाई है.

लेकिन इसका विरोध करने वाले कहते हैं कि जब कम पानी वाला मौसम होगा तो बेलो मॉन्टे बाँध अपनी क्षमता का 10 प्रतिशत ही बिजली उत्पादित कर सकेगा.

साओ पाउलो में बीबीसी संवाददाता गैरी डफ़ी का कहना है कि अब हालांकि बाँध एक हक़ीकत बनने जा रहा है लेकिन लगता नहीं है कि इसे लेकर उठे विवाद ख़त्म होने वाले हैं.

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