लेज़र ने जगाई उम्मीद की किरण

लेज़र फ़्यूज़न
Image caption लेज़र फ़्यूज़न से बिजली की संभावना बढ़ी

अमरीकी वैज्ञानिकों ने यह आशा ज़ाहिर की है कि वो एक साल के अंदर लेज़र के ज़रिए परमाणु फ़्यूज़न करने में कामयाब हो जाएंगे जिससे बिजली पैदा हो सकेगी.

अमरीकी नैशनल इग्निशन फ़ैसिलिटी के निदेशक डॉक्टर एडवर्ड मोज़ेज़ का कहना है कि इसके लिए वो अणुओं को तोड़ने की बजाए उन्हें एकजुट करके या फ़्यूज़न के ज़रिए यह चमत्कार कर सकते हैं.

कैलिफ़ोर्निया में विज्ञान की तरक़्क़ी के लिए आयोजित अमरीकी वैज्ञानिक संगठन की एक बैठक में डॉक्टर एडवर्ड मोज़ेज़ ने कहा, "आने वाले 12 वर्षों में इस प्रक्रिया से तैयार एक पावर प्लांट का प्रदर्शन संभव है."

दुनिया भर के वैज्ञानिक इस कोशिश में लगे हुए हैं कि वो किस प्रकार परमाणु फ़्यूज़न के ज़रिए बिजली पैदा करने में सफल हो जाएं. कहा जाता है कि अगर अणुओं को तोड़ने के बजाए उन्हें एकजुट किया जाए तो बिजली पैदा होने की संभावना काफ़ी बढ़ जाएगी.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सफलता से ऊर्जा की कमी और कार्बन उत्सर्जन जल्द ही बीते दिनों की बात हो जाएगी.

लेकिन साथ ही वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि परमाणु फ़्यूज़न बहुत मुश्किल काम है.

समस्याएं

इस सिलसले में एक बड़ा विश्व स्तरीय प्रोग्राम 10 अरब डालर की लागत से फ़्रांस में जारी है और अगर यह ठीक ढंग से काम करता है तब भी 2025 से पहले वहां फ़्यूज़न होने की कोई उम्मीद नहीं है.

लेकिन इस सम्मेलन में भाग लेने वाले दूसरे वैज्ञानिकों का कहना है कि लेज़र के इस्तेमाल से हाइड्रोजन के अलग अलग रूपों को इस हद तक दबाया जा सकता है कि अणुओं में फ़्यूज़न की प्रक्रिया शुरू होजाए और वहां से ऊर्जा का प्रवाह होने लगे.

इस के पीछे जो अमरीकी कोशिश है उसे नैशनल इग्नीशन फ़ैसिलिटी का नाम दिया गया है.

इस परियोजना के निदेशक डॉक्टर एड मोज़ेज़ का कहना है, "इस छोटे और सस्ते तरीक़े में रेस जीतने की क्षमता है, यह परमाणु फ़्यूज़न को हक़ीक़त का रूप दे सकता है."

यह लेज़र किरण के जन्म का 50वां साल है और डॉक्टर मोज़ेज़ के अनुसार 'लेज़र के बेहतरीन दिन अभी आने बाक़ी हैं.'

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