हज़ारों मील का सफ़र...प्लास्टिक की नाव

प्लास्टिकी
Image caption अपनी यात्रा के दौरान यह नाव 11 हज़ार समुद्री मील की यात्रा करेगी.

एक 18 मीटर लंबी नाव आजकल मौसम के साफ़ होने का इंतज़ार कर रही है ताकि वह दुनिया को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित संदेश देने के लिए यात्रा शुरु कर सके.

‘प्लास्टिकी’ नाम की यह नाव 12500 प्लास्टिक की बोतलों से बनाई गई है. यह नाव सैन फ़्रांस्सिको से सिडनी तक की यात्रा करेगी.

नाव की पतवार पर्यावरण कार्यकर्ता और बैंकिंग उद्योग में जाने माने रॉथ्सचाइल्ड परिवार के वारिस 31 वर्षीय डेविड डी रॉथ्स्चाइल्ड के हाथ में है.

रॉथ्स्चाइल्ड के दिमाग में इस यात्रा का विचार तब आया जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में यह पढ़ा कि प्लास्टिक की हर पाँच में से चार बोतलें रीसाइकिल होने की जगह कूड़े के गड्ढों में फेंक दी जाती हैं.

कबाड़ से जुगाड़

बीबीसी को रॉथ्स्चाइल्ड ने बताया कि केवल अमरीका में ही प्लास्टिक की 38 अरब बोतलें फेंक दी जाती हैं.

वह कहते हैं, ''यह एक ऐसा संसाधन है जिसे कूड़े के गड्ढे़ में फेंकने की जगह कई चीज़ों में बदला जा सकता है, जैसे हवाई पंखे, घर, और नई नाव, इससे इनका पर्यावरण पर भी दुष्प्रभाव कम पड़ेगा.''

‘प्लास्टिकी’ अपनी 11 हज़ार समुद्री मील की यात्रा की शुरुआत कैलिफ़ोर्निया और हवाई टापू के बीच उस जगह से करेगी जहाँ बहुत अधिक मात्रा में कूड़ा जमा है.

'द ग्रेट पैसिफ़िक गारबेज पैच' के नाम से मशहूर इस जगह पर इतना कूड़ा जमा है जो ब्रिटेन से पाँच गुना और टेक्सास से तीन गुना बड़ा है.

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि दुनिया के महासागरों में हर वर्ग मील में प्लास्टिक के 46 हज़ार टुकड़े जो एक सिक्के से बड़े नहीं हैं, पानी में तैर रहे हैं. इससे समुद्री पर्यावरण को पहुँच रहा नुक़सान बयान नहीं किया जा सकता है.

रॉथस्चाइल्ड कहते हैं, ''यह कूड़े से निजात पाने का समय है, यह नज़र न आने वाली और दीमाग में न रहने वाली समस्या है जिसका समाधान करने की ज़रूरत है.''

दोनों ध्रुवों और कई जंगलों की यात्रा कर चुके 31 साल के रॉथस्चाइल्ड कहते हैं, ''वे इस यात्रा का उपयोग कई और पर्यावरणीय समस्याओं को उठाने में करना चाहते हैं.''

वे 'प्लास्टिकी' का उपयोग जागरूकता फैलाने के लिए करना चाहते हैं.

नए आविष्कार

रॉथस्चाइल्ड कहते हैं, ''हमारी नाव एक विशालकाय तैरती हुई बोतल हो सकती है लेकिन यह वैश्विक बातचीत के लिए एक उत्प्रेरक भी है. हम महासागरों के लिए आवाज़ उठाएँगे जिनकी कोई आवाज़ नहीं है.''

'प्लास्टिकी' में जिन साढ़े बारह हज़ार प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल किया गया है, उनमें कॉर्बन डाइऑक्साइड भरी हुई है. इसका उद्देश्य नाव के तले को टिकाऊ और तैरने लायक बनाना है.

नाव बनाने वाली टीम ने बोतलों को आपस में जोड़ने के लिए काजू, बादाम और चीनी से बनी एक नई तरह की गोंद का आविष्कार किया.

इस बेड़े की यात्रा अगले कुछ दिनों में शुरु हो जाने की उम्मीद है. यह सौर, हवा और समुद्री टर्बाइन से ऊर्जा लेगा.

व्यायाम करने वाली एक मोटरसाइकिल से नाव पर लैपटॉप को बिजली मिलेगी. नाव पर कूड़े से बना एक स्नानघर और खाद्य पदार्थ उगाने के लिए एक बग़ीचा भी बनाया गया है.

नाव पर पेशाब को शोधित कर पानी में बदलने का संयंत्र लगाने की योजना को फ़िलहाल स्थगित कर दिया गया है.

अभियान के निदेशक मैथ्यू ग्रे कहते हैं, ''यह कूड़े का ढेर लगाने जैसा था जहाँ आपको केवल घूमना था और सामान उठाना था.''

वह कहते हैं, ''शुरू से ही हमने नाव को ऐसा बनाया कि अभियान के बाद भी इसे रिसाइकिल किया जा सके.''

रॉथस्चाइल्ड ने सेल्फ रीएनफ़ोर्स्ड पॉलीएथीलीन ट्रेफैटलेट (एसआर पेट) नामक एक नए पदार्थ विकसित किया है जिसे लेकर वे बहुत उत्साहित हैं.

यह एक ऐसा प्लास्टिक है जिसे पूरी तरह रिसाइकिल किया जा सकता है. उन्हें उम्मीद है कि एक दिन यह फ़ाइबरग्लास की जगह ले लेगा.

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