टेलीफ़ोन की आविष्कारक महारानी

ब्रिटेन की महारानी
Image caption दस में से एक बच्चे ने महारानी को आविष्कारक बताया

अगर आपसे कोई पूछे कि टेलीफ़ोन का आविष्कार किसने किया, तो आपका जवाब क्या होगा?

इसका जवाब कई लोगों के लिए आसान हो सकता है, लेकिन बच्चों का क्या करें. बच्चे तो बच्चे ही हैं.

ब्रिटेन के बच्चों में विज्ञान की रुचि को लेकर कराए गए एक सर्वेक्षण में कई रोचक बातें सामने आई हैं.

सर्वे के दौरान जब बच्चों से टेलीफ़ोन के आविष्कारक का नाम पूछा गया, तो 10 में से एक बच्चे ने ब्रिटेन की महारानी का नाम लिया.

कुछ बच्चों ने चार्ल्स डार्विन और नोएल एडमंड्स का भी नाम लिया.

सर्वे के दौरान उस समय तो हद ही हो गई जब 1000 में से 20 बच्चों ने चाँद पर उतरने वाले पहले शख़्स के रूप में स्टार वॉर्स के चरित्र ल्यूक स्काईवॉकर या वर्जिन कंपनी के मालिक रिचर्ड ब्रैंसन का नाम लिया.

नौ से 10 साल के 60 प्रतिशत बच्चे ये मानते हैं कि न्यूटन ने आग की खोज की. ये सर्वे बर्मिंघम साइंस सिटी ने कराया है.

इन सब ग़लत जानकारी के बावजूद ज़्यादा बच्चे विज्ञान के लिए ही नोबेल पुरस्कार हासिल करना चाहते हैं.

ब्रिटेन के प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूल के बच्चों में कराए गए इस सर्वे के नतीजे में कहा गया है कि कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियों को लेकर बच्चों में कुछ भ्रम है.

सर्वे के दौरान सिर्फ़ 49 प्रतिशत बच्चे यह बता पाए कि गुरुत्वाकर्षण न्यूटन की खोज का अहम हिस्सा है. लेकिन 76 प्रतिशत लड़कियों ने सही जवाब दिए.

न्यूटन

सर्वे में शामिल किए गए एक तिहाई बच्चों ने न्यूटन को आग की खोज करने वाला बताया तो 16 प्रतिशत ने उन्हें इंटनेट की खोज करने वाला, सौरमंडल की खोज करने वाला या फिर अमरीका की खोज करने वाला बताया.

हालाँकि सर्वे में शामिल 10 में से आठ बच्चों ने टेलीफ़ोन के आविष्कारक के रूप में ग्राहम बेल को सही पहचाना. लेकिन सिर्फ़ 69 प्रतिशत लड़कियाँ ही इसका जवाब दे पाईं.

बर्मिंघम साइंस सिटी के डॉक्टर पैम वाडेल ने कहा, "सर्वे के कुछ नतीजों से लोगों के चेहरे पर मुस्कान ज़रूर आ सकती है लेकिन इससे यह भी पता चलता है कि स्कूली बच्चे खेल और संगीत जगत के चर्चित लोगों के मुक़ाबले वैज्ञानिकों को कम पहचानते हैं."

लेकिन इस सर्वेक्षण से यह भी स्पष्ट है कि बच्चों को वाकई विज्ञान में रुचि है. सर्वे में यह भी पाया गया कि नौ से 10 साल के 70 प्रतिशत बच्चों ने विज्ञान के लिए नोबेल पुरस्कार पाने की इच्छा जताई.

लेकिन बात जब 11 से 15 वर्ष के बच्चों की आई, तो आँकड़ा गिरकर 33 प्रतिशत ही रह गया.

डॉक्टर पैम वाडेल का कहना है कि इससे यही अर्थ निकलता है कि सेकेंडरी स्कूलों में बच्चों की रुचि विज्ञान में कम हो रही है. उन्होंने कहा कि इस स्तर पर बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने की आवश्यकता है.

मार्च के शुरू में एक हज़ार ब्रितानी बच्चों पर यह सर्वे कराया गया था.

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