रोज़ एक घंटे कसरत की सलाह

Image caption एक बार मोटा हो जाने के बाद कसरत का ज़्यादा फ़ायदा नहीं होता

मोटापे से बचने के लिए रोज़ आधे घंटे का व्यायाम करना पर्याप्त नहीं है. ये परिणाम है अमरीका में हुए एक नए शोध का.

विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि कोई अपने वज़न को बढ़ने नहीं देना चाहता है तो उसे प्रतिदिन कम-से-कम एक घंटा समय कसरत को देना चाहिए.

जर्नल ऑफ़ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में छपी रिपोर्ट में मोटी महिलाओं को सलाह दी गई है कि वे घंटे भर के व्यायाम के साथ-साथ आहार पर भी ध्यान दें.

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने 13 वर्षों तक अधेड़ उम्र की 34 हज़ार महिलाओं की व्यायाम की आदतों और उनके वज़न के अध्ययन के बाद ये राय बनाई है.

विशेषज्ञों ने अध्ययन के लिए औसत 54 वर्ष उम्र की इन महिलाओं को तीन समूहों में बाँट रखा था- हर हफ़्ते ढाई घंटे से कम व्यायाम करने वाली, ढ़ाई से सात घंटे व्यायाम करने वाली और सात घंटे से ज़्यादा व्यायाम करने वाली महिलाएँ.

तेरह वर्षों के बाद महिलाओं में औसत 2.6 किलोग्राम का बढ़ा वज़न पाया गया.

परिणाम

बाद में आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि ज़्यादा व्यायाम करने वाली महिलाओं का वज़न कम कसरत करने वालों की तुलना में कम बढ़ा. एक और बात ये पता चली कि पहले दो समूहों की महिलाओं के बढ़े औसत वज़न में भी कोई ख़ास अंतर नहीं था.

लेकिन सबसे उल्लेखनीय परिणाम ये रहा कि रोज़ घंटा भर या उससे ज़्यादा कसरत करने वाली सामान्य क़दकाठी की महिलाओं के वज़न में कोई वृद्धि नहीं हुई.

शोधकर्ताओं ने एक और महत्वपूर्ण बात ये देखी कि जिन महिलाओं का वज़न पहले से अच्छा-ख़ासा बढ़ा हुआ था उन पर व्यायाम का असर नहीं के बराबर रहा.

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