अंतरिक्ष में वैज्ञानिकों के साथ जाएगा रोबोट

नासा का रोबोनॉट-2

अंतरिक्ष में अब इंसानों के साथ रोबोट भी काम करते नज़र आएँगे.

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा कि है रोबोनॉट-2 नाम के एक रोबोट को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.

वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तैनात वैज्ञानिकों की मदद करेगा. यह रोबोट भले ही हाड-मांस का न बना हो लेकिन इसके भी सिर, बदन और हाथ हैं.

इस रोबोट के हाथों में उंगलियाँ हैं जो मनुष्यों की तरह ही हरकत कर सकती हैं. इसकी आंखें भी हैं जिनसे वह देख भी सकता है. इसकी खास बात यह है कि इसे अंतरिक्ष से वापस लाने की कोई ज़रूरत नहीं होगी.

नासा का कहना है कि रोबोनॉट-2 को अंतरिक्ष में मनुष्य की मदद के लिए तैयार किया गया है.

कार बनाने वाली अमरीकी कंपनी जनरल मोटर्स और नासा ने मिलकर इस रोबोट का निर्माण किया है. इस परियोजना पर 2007 से काम चल रहा था.

भविष्य पर नज़र

नासा के वैज्ञानिक कैली हंफ़रीज ने बीबीसी हिंदी को बताया, ''रोबोट अभी एक खास लैब 'डेस्टीनी' के अंदर ही काम करेगा. वह उससे बाहर नहीं निकलेगा. इसका मक़सद यह है कि मनुष्य के साथ अब रोबोट भी काम करें. इसकी आदत डालने के लिए यह रोबोट भेजा जा रहा है.''

डेढ़ क्विंटल का यह रोबोट मनुष्यों की तरह ही अपने हाथों का प्रयोग कर स्क्रू ड्राइवर और रिंच से काम कर सकता है. यह बटन दबा सकता है. इसकी आंखें भी हैं जिनसे वह देख सकता है.

इस रोबोट की आँखों से विडियो प्रसारण भी धरती पर भेजा जा सकता है.

शुरुआत में रोबोट का संचालन या तो धरती पर स्थित कंट्रोल रूम से किया जाएगा या फिर अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद वैज्ञानिक इसे संचालित करेंगे.

कुछ और परिक्षणों व अंतरिक्ष में रोबोट का काम देखकर इसे और ज़्यादा अपने आप ही काम करने लायक बनाए जाने की योजना है.

नासा की पहल

इसके लिए नासा के वैज्ञानिक जनरल मोटर्स के साथ मिलकर प्रयोग करने में लगे हैं.

वैसे तो मंगल ग्रह पर भेजे गए मार्स रोवर जैसे रोबोट तो पहले ही अंतरिक्ष में भेजे जा चुके हैं, लेकिन मनुष्य जैसा रोबोट पहली बार अंतरिक्ष में भेजा जा रहा है.

नासा को उम्मीद है कि रोबोनॉट-2 भविष्य में अंतरिक्ष में स्पेस वॉक करने वाले वैज्ञानिकों की मदद करेगा और वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम भी करेगा.

नासा के एक्सप्लोरेशन विभाग के निदेशक जॉन ऑल्सन कहते हैं, मनुष्य और रोबोट का एक साथ काम करना हमारे लिए बहुत मायने रखता है. जब हम इसमें सफ़ल हो जाएंगे तो हमें अंतरिक्ष में नई खोज करने में आसानी होगी. हमें ऐसी दूरियाँ तय कर पाएँगे जिसके बारे हमने सोचा भी नहीं होंगा.”

अभी तो सिर्फ़ एक रोबोट भेजा जा रहा है लेकिन अगर यह प्रयोग सफल रहा तो और रोबोट बनाकर अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे.

रोबोनॉट-2 को सितंबर में अंतरिक्ष यान डिस्कवरी से रवाना किया जाएगा.

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