सौर विमान की उड़ान सफल

सौर विमान
Image caption सौर ऊर्जा चालित विमान के पंखों पर 12,000 बैटरियाँ लगी हुई थीं

सौर ऊर्जा से उड़ान के परीक्षण पर निकला एक विमान 26 घंटे की सफल उड़ान के बाद लौट आया है.

सौर ऊर्जा चालित इस विमान के निर्माता इस विमान से धरती का चक्कर लगाना चाहते हैं और उस दिशा में ये पहला क़दम था.

इस विमान ने सूर्य की किरणों से दूर जाने पर अत्यंत कुशल सौर बैटरियों से बनी ऊर्जा के सहारे उड़ना जारी रखा.

ये विशेष विमान गुरूवार सुबह स्थानीय समयानुसार नौ बजे स्विट्ज़रलैंड की राजधानी बर्न से 50 किलोमीटर दूर पाएर्न नामक हवाई अड्डे पर उतरा..

उड़ान के दौरान विमान 8,700 मीटर या 28,543 फ़ीट की ऊँचाई तक गया.

किसी सौर ऊर्जा चालित विमान की ये अभी तक की सबसे लंबी और ऊँची उड़ान थी.

चार इंजिनों वाले इस विमान को स्विट्ज़रलैंड में लड़ाकू हवाई जहाज़ उड़ानेवाले एक पूर्व पायलट आंद्रे बॉर्शबर्ग ने उड़ाया. उड़ान में उनके साथ बर्ट्रैंड पिकार्ड सह पायलट थे.

इस विमान के 63 मीटर लंबे विशाल पंखों पर 12,000 सौर बैटरियाँ लगी हुई थीं जिन्होंने उड़ान के लिए ज़रूरी ऊर्जा बनाई.

सोलर इम्पल्स नामक एक टीम ने इससे पहले भी इस साल सौर ऊर्जा चालित विमानों का दो बार परीक्षण किया था.

लेकिन इस टीम ने इस सप्ताह हुए परीक्षण को मील का पत्थर बताया है.

सोलर इंपल्स के डिज़ाइनरों का कहना है कि इस उड़ान से साबित हो गया है कि एक विमान को चौबीसों घंटे हवा में रखा जा सकता है.

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