9/11 देखा मां ने, असर पड़ा बच्चों पर

Image caption 100 से ज़्यादा बच्चों और उनकी मां पर किए शोध में 9/11 का प्रभाव बच्चों पर ज़्यादा बताया गया है

एक शोध में सामने आया है कि 11 सिंतबंर 2001 में वर्ल्ड ट्रेड टावर पर हुए हमले का मानसिक रूप से सबसे ज़्यादा असर छोटे बच्चों पर हुआ है.

साल 2001 में दो हवाई जहाज़ों को एक के बाद एक न्यू यॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराता हुआ देख लाखों लोगों के दिल दहल उठे थे. टीवी चैनलों की ख़बरें और अख़बारों के पहले पन्ने इस हादसे की तस्वीरों से भरे पड़े थे जिन्हें देखकर दुनियाभर में लोग सदमे में आ गए थे.

अब एक शोध में सामने आया है कि जिन लोगों ने उस हादसे को अपनी आंखों से देखा या उस हादसे में किसी अपने को खो दिया उन सभी पर इस हादसे का असर बेहद गहरा हुआ.

लेकिन सबसे ज़्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ा.

माउंट सिनाई स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने चाइल्ड डेवलपमेंट पत्रिका में बताया है कि जिन महिलाओं को 9/11 के बाद मानसिक तनाव और अवसाद की शिकायत हुई उनके बच्चों में चिंता, अवसाद, सोने में परेशानी और कई बीमारियां होने की आशंका बढ़ गई.

वैज्ञानिकों ने 100 से ज़्यादा महिलाओं और उनके बच्चों पर अध्ययन किया जिन्होंने स्कूल जाना भी शुरु नहीं किया था.

Image caption मां पर 11 सितंबर के सदमे से बच्चों पर मानसिक प्रभाव ज़्यादा पड़ा है

ये वो महिलाएं थीं जिन्होंने 11 सितंबर 2001 में हुए हमले को महसूस किया है.

वैज्ञानिकों ने ये पाया कि इस हादसे से बच्चों ने ख़ुद जो सदमा महसूस किया उसका असर उतना नहीं था जितना कि उनकी मां पर हुए सदमे का असर उन बच्चों पर हुआ.

बच्चों में नींद की बीमारी से लेकर आक्रामकता, चिंता और अवसाद जैसी बीमारियों की शिकायत पाई गई. मनोवैज्ञानिकों ने बताया है कि ये सभी बीमारियां व्यवहार में गंभीर बदलाव लाती हैं.

शोधकर्ताओं का मानना है कि मां के मानसिक सुख और बच्चों के किसी आपदा से उबरने की क्षमता आपस में जुड़ी हुई हैं.

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