कैल्सियम की गोलियों से दिल के दौरे का ख़तरा बढ़ा

कैल्सियम
Image caption वृद्धावस्था में हड्डियों का फ़्रैक्चर रोकने के लिए लोग कैल्सियम सप्लीमेंट्स लेते हैं

हाल के एक शोध से पता चला है कि वृद्धावस्था में कैल्सियम की गोलियां लेने वालो को दिल का दौरे होने का खतरा बढ़ जाता है.

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक ऐसे लोगों को हार्ट अटैक का ख़तरा 30 फ़ीसदी बढ़ जाता है.

शोधकर्ताओं ने यह भी कहा है जो लोग कैल्सियम संबंधी अपनी ज़रूरतों को भोजन से पूरा करते हैं, उनमें इस तरह के ख़तरे के बढ़ने की कोई संभावना नहीं है.

ओस्टियोपोरोसिस की शिकायत वाले ज़्यादातर लोग कैल्सियम सप्लीमेंट लेते हैं.

बारह हज़ार लोगों पर शोध

शोध के लिए सामग्री ग्यारह ट्रयल्स में जुटाई गई जिनमें 40 साल से ज़्यादा उम्र वाले 12 हज़ार लोगों ने भाग लिया. इन लोगों ने प्रतिदिन 500 मिलिग्राम या उससे भी ज़्यादा कैल्सियम का सेवन किया.

फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि दिल का दौरा पड़ने का ख़तरा क्यों बढ़ जाता है लेकिन ये माना जाता है कि धमनियों में ख़ून में अतिरिक्त कैल्सियम से धमनियाँ सख़्त हो जाती हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ एबरडीन की वैज्ञानिक और शोधकर्ता डॉक्टर एलिशन एवेनल ने बताया, "शोध से पता चलता है कि हड्डियों के फ़्रैक्चर रोकने में कैल्सियम सप्लीमेंट्स के सीमित फ़ायदे हैं, खास तौर पर जब इलाज़ के दूसरे विकल्प मौजूद हों."

ब्रिटेन की नेशनल ओस्टियोपोरोसिस सोसाइटी ने कहा है कि कैल्सियम लेना ही है तो दवाओं की जगह कैल्सियम वाले आहार लें.

भोजन के ज़रिए कैल्सियम लेना सुरक्षित होता है. फ़ूड स्टैंडर्ड एजेंसी के मुताबिक वयस्कों को दूध, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियों के माध्यम से हर रोज़ 700 मिलीग्राम कैल्सियम लेना चाहिए.

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