ग्लेशियर से बड़ा टुकड़ा अलग हुआ

ग्लेशियर
Image caption तेज़ी से पिघल रहे हैं ग्रीनलैंड के ग्लेशियर.

अमरीकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रीनलैंड के एक बड़े ग्लेशियर का क़रीब 260 स्क्वायर वर्ग किलोमीटर का टुकड़ा टूट गया है.

ये बड़ा हिस्सा 'पीटरमैन ग्लेशियर' से अलग हुआ है जो ग्रीनलैंड के उत्तर-पश्चिम तट पर स्थित है.

अमरीका के डेलवायर विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर एंड्रीया मैंचॉव का कहना है कि 1962 के बाद किसी भी ग्लेशियर से टूट कर अलग होने वाला ये सबसे बड़ा बर्फ़ का टुकड़ा है. ये टूटा हुआ टुकड़ा सर्दियों में जम सकता है या फिर पानी में तब्दील होकर ग्रीनलैंड और कनाडा के बीच समुद्र के पानी में मिल सकता है.

प्रोफ़ेसर मैंचॉव का कहना है कि अगर ये बर्फ़ का टुकड़ा दक्षिण का रुख करता है तो वहां से गुज़रने वाले जहाज़ों की आवाजाही को प्रभावित कर सकता है. पीटरमन ग्लेशियर में दरारें पिछले साल ही दिखने लगी थीं और ये आशंका की जा रही थी कि जल्द ही उससे बर्फ का टुकड़ा टूट सकता है.

हज़ार स्क्वायर किलोमीटर वर्ग में फैला पीटरमैन ग्लेशियर उत्तरी ध्रुव के दक्षिण में स्थित है. 'कनाडा आइस सर्विस' के शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने नासा के एक उपग्रह से गुरुवार की सुबह को जो तस्वीरें लीं थीं उनमें ये दरारें देखी जा सकतीं थीं.

प्रोफ़ेसर मैंचॉव के अनुसार ''इस बर्फ़ में इतना स्वच्छ पानी था जिससे अमरीकी जनता के नल में 120 दिन तक पानी आ सकता था''

उनका कहना था कि अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसका कारण जलवायु परिवर्तन है या नहीं.

ग्रीनलैंड के ग्लेशियरों से हर साल हज़ारों बर्फ़ टुकड़े टूट कर अलग होतें हैं लेकिन इतने बड़े टुकड़े का टूटना आम बात नहीं है.

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