भारत ने सुपरबग के दावे को ख़ारिज किया

बैक्टीरिया

वैज्ञानिकों ने कहा था कि सुपरबग भारत से आया है

भारत ने ब्रितानी वैज्ञानिकों के इस दावे को ख़ारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि भारत से ब्रिटेन में ऐसा बैक्टीरिया आया है जिस पर एंटीबॉयोटिक्स का असर नहीं होता है.

भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना था कि इस सुपरबग बैक्टीरिया का भारत से संबंध जोड़ना उचित नहीं है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे भारत के ख़िलाफ़ 'दुष्प्रचार' क़रार दिया है.

भारत में गुरुवार को कई सांसदों ने इसे संसद में उठाया और इसे भारत के स्वास्थ्य पर्यटन उद्योग के ख़िलाफ़ 'षड्यंत्र' बताया.

इस सुपरबग बैक्टीरिया का भारत से संबंध जोड़ना उचित नहीं है. ये भारत के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार है.

भारत का स्वास्थ्य मंत्रालय

भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी एक बयान में ब्रितानी रिपोर्ट को 'सनसनीखेज़' बताया है .

इसके पहले ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने भारत और पाकिस्तान में पाए जाने वाले एक नए किस्म के बैक्टीरिया- सुपरबग की विश्व भर में कड़ी निगरानी का आहवान किया था.

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि इस बैक्टीरिया पर कारगर माने जाने वाले एंटीबायॉटिक्स काम नहीं करते और अब ये ब्रिटेन के अस्पतालों में भी दाख़िल हो गया है.

सुपरबग का दावा

मेडिकल पत्रिका लैंसेट में छपे एक अध्ययन में कहा गया था कि ब्रिटेन में ये बैक्टीरिया उन मरीज़ों के साथ आया है जो भारत या पाकिस्तान में कॉस्मेटिक सर्जरी जैसे उपचार करवा कर लौटे हैं.

मेडिकल पत्रिका लैंसेट के अनुसार ये बैक्टीरिया एनडीएम-1 नाम के एंज़ाइम को बनाता है और इस पर शक्तिशाली एंटीबायॉटिक्स असर नहीं करते.

जिन 37 संक्रमित मरीज़ों का अध्ययन किया गया उनमें 17 पिछले एक साल के भीतर भारत या पाकिस्तान के दौरे से लौटे थे.

इन मरीज़ों में से 14 भारत या पाकिस्तान के अस्पतालों में कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए दाख़िल हुए थे.

ब्रिटेन में अबतक 50 मरीज़ इससे प्रभावित पाए गए हैं.

पत्रिका के मुताबिक इस बैक्टीरिया से लड़ने के लिए सख़्त निगरानी और नई दवाओं की ज़रुरत है.

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