दुनिया पर खटमलों का ख़तरा

खटमल
Image caption खटमल कितनी बड़ी समस्या बन गए हैं,इसकी चेतावनी दी है विशेषज्ञों ने

हाल में हुए एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि खटमलों की समस्या हर दिन बढ़ती जा रही है.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ केंटकी और अमरीका की संस्था, नैशनल पेस्ट मैनेजमेंट एसोसिएशन (एनपीएमए) ने दुनिया भर में एक हज़ार पेस्ट कंट्रोल फ़र्मों का सर्वे किया जिसमें इसका पता चला है.

एनपीएमए की उपाध्यक्ष मिस्सी हेनरिक्सन का कहना है," विश्व स्तर पर किए गए इस शोध से पता चला है कि न केवल अमरीका में बल्कि पूरी दुनिया में हम खटमलों की महामारी की कगार पर खड़े हैं."

ब्रिटेन के कुछ होटलों में तो खटमल हटाने के लिए स्निफ़र कुत्तों का इस्तेमाल किया गया है.

अमरीका में बहुत हैं खटमल

अमरीका में ये समस्या पहले से ही भीषण बनी हुई है.

पिछले महीने अमरीका की पर्यावरण सुरक्षा संस्था ने खटमलों के भयानक पुनरुत्थान की चेतावनी दी थी.

खटमलों से सबसे ज़्यादा प्रभावित न्यूयॉर्क है जहाँ कई दफ़्तरों, सिनेमाघरों और दुकानों को बंद करना पड़ा है.

इसमें महंगे अंडरवियरों की जानी मानी दुकानों की चेन विक्टोरियाज़ सिक्रेट भी शामिल है.

इस समस्या से निपटने के लिए राजनेताओं को भी फ़ौरन क़दम उठाने पड़े हैं.

न्यूयॉर्क राज्य ने ऐसे क़ानून बनाए हैं जिसमें मकान मालिकों से कहा गया है कि अगर उनके घर में खटमल है तो वो किरायेदारों को इसकी सूचना दें.

स्कूलों से कहा गया है कि अगर उनके यहाँ खटमल पाए जाएँ तो वो अभिभावकों को इस बारे में सूचित करें.

खटमलों से 'इमोशनल स्ट्रेस'

विशेषज्ञों का कहना है कि खटमलों के पुनरुत्थान के बारे में उन्हें तो पिछले एक दशक से पता है लेकिन आम लोग उसके बारे में अब जाकर जागरूक हो रहे हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्षों तक लोगों ने इस समस्या को नज़रअंदा़ज़ किया है लेकिन अब जाकर उन्हें इसकी विभीषिका का अंदाज़ा लग रहा है.

खटमलों की वजह से रात-रात भर जगना, बेचैनी होना, उनसे छुटकारा पाने के लिए होने वाला ख़र्च और फिर ये चिंता कि उनसे पिंड छूटा या नहीं, इन सबसे जो मानसिक तनाव पैदा होता है, उसे नज़रअंदा़ज़ नहीं किया जा सकता, ये कहना है विशेषज्ञों का.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ केंटकी के प्रोफ़ेसर माइक पॉटर का कहना है कि "जहाँ तक विनाशकारी कीटों की बात है, खटमल विकसित देशों में कई सालों में अबतक की सबसे बड़ी समस्या बन गए है."

क्यों बढ़ रहे हैं खटमल

विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर खटमलों के बढ़ने की वजह ये है कि द्वितीय विश्व युद्ध के पहले जब खटमलों के प्रकोप पर क़ाबू पाया गया था, उसके बाद से उन पर से लोगों का ध्यान हट गया था.

पर्यावरण में आए बदलाव और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगों की यात्रा में हुई वृद्धि को भी खटमलों के विस्तार और उनकी बढ़ती संख्या के लिए ज़िम्मेदार माना जा रहा है.

विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि खटमल पर अब मौजूदा कीटनाशक कारगर साबित नहीं हो रहे हैं और इस वजह से भी इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है.

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