समुद्री जीवों की एक दशक से जारी गणना पूरी

समुद्री जीव
Image caption समुद्री जीवों की दस सालों तक चली जनगणना पूरी हो गई है लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि इससे कई चुनौतियाँ भी आ खड़ी हुई हैं.

वैज्ञानिकों ने दुनिया के सभी समुद्रों के भीतर रह रहे जीवों की दस साल से चल रही गणना पूरी कर ली है.

वैज्ञानिक मानते हैं कि इससे ये पता चल पाएगा कि किस तरह से इंसानों की हरकतों से समुद्र के भीतर रह रहे जीवों की ज़िंदगी प्रभावित होती है.

इनमें से कुछ जीव तो ऐसे हैं जिनके बारे में अबतक किसी को पता भी नहीं था.

समुद्री जीवों की इस गणना को दुनिया में अपनी तरह का पहला शोध माना जा रहा है.

इस जनगणना की स्टीयरिंग समिति के अध्यक्ष आयन पॉयनर ने कहा है कि "ज़मीन पर रहनेवाले हर प्राणी की ज़िंदगी समुद्र के भीतर रहनेवाले जीवों पर आश्रित है."

"समुद्री जीवों से हमारी ज़रूरत का आधा ऑक्सीजन मिलता है, हमारी आवश्यकता का ढेर सारा खाना भी वहीं से आता है और वह पर्यावरण को भी संचालित करता है."

परियोजना

वर्ष 2000 में शुरू हुए इस शोध में 65 करोड़ डॉलर ख़र्च हुए हैं.

इस अंतरराष्ट्रीय परियोजना में दुनिया के 80 देशों की 670 संस्थाओं के 2,700 शोधकर्त्ता शामिल हैं.

इन्होंने गणना पूरी करने के लिए कुल मिलाकर 9,000 दिन समुद्र के भीतर गुज़ारे हैं.

गणना पूरी करने के लिए शोधकर्त्ताओं को तीन सवालों के जवाब देने थे-समुद्र में क्या रहता था, समुद्र में क्या रहता है और समुद्र में क्या रह सकता है.

पूरे एक दशक तक समुद्री जीवों की गणना करनेवाले वैज्ञानिकों का कहना है कि इतना समय इस काम में लगा देने के बावजूद वह आश्वस्त होकर नहीं कह सकते कि हर समुद्री जीव की गिनती हो ही गई है.

हालाँकि समुद्री जीवों की गणना संबंधी मौजूदा कार्यक्रम अभी पूरा हो गया है लेकिन इससे जुड़े लोगों का कहना है कि अब कई सारी चुनौतियाँ पैदा हो गई हैं.

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