'पौष्टिक' बैंगनी आलू बाज़ार में

आलू की पर्पल मैजेस्टी क़िस्म

ब्रिटेन में बैंगनी आलुओं की बिक्री शुरू हो गई है. इसे सामान्य सफ़ेद आलुओं की तुलना में ज़्यादा स्वास्थ्यवर्द्धक बताया जा रहा है.

बैंगन आलू की क़िस्म को 'पर्पल मैजेस्टी' नाम दिया गया है. बाहर से लेकर भीतर तक, ये आलू पूरे के पूरे बैंगनी रंग के हैं.

अमरीका के कोलाराडो विश्वविद्यालय में आलू की एक पारंपरिक क़िस्म से विकसित बैंगनी आलू में सामान्य सफ़ेद आलूओं के मुक़ाबले स्वास्थ्यवर्द्धक एंटीऑक्सिडेंट तत्व 10 गुना ज़्यादा मात्रा में होते हैं.

उल्लेखनीय है कि बैंगनी आलू जीन संवर्धित उत्पाद नहीं है, बल्कि इसे सामान्य तरीक़े से ही विकसित किया गया है.

पौष्टिक

बैंगनी आलू की 400 टन की पहली खेप इस हफ़्ते स्कॉटलैंड और दक्षिणी-पूर्वी इंग्लैंड में सेन्सबरीज़ सुपर स्टोरों में बेची जा रही है.

ब्रिटेन के बाज़ारों में बैंगनी आलू को उतारा है पर्थशर स्थित कृषि उत्पाद कंपनी अलबर्ट बार्टलेट ने. पहले बैंगनी आलू को दो साल तक प्रायोगिक तौर पर उगाया गया. इस दौरान उस पर एडिनबरा स्थित क़्वीन मार्गरेट यूनीवर्सिटी और स्कॉटिश क्रॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग से कई तरह के अध्ययन किए गए.

स्कटॉलैंड में 'पर्पल मैजेस्टी' से जुड़े अध्ययनों में शामिल वैज्ञानिक डॉ. कैथरीन संग ने बताया कि आलू का बैंगनी रंग उसमें मौजूद एंथोसायनिन्स नामक नैसर्गिक पिग्मेंट के कारण होता है. उनके अनुसार एंथोसायनिन्स एन्टीऑक्सिडेन्ट गुणों वाला होता है, और ये गुण आलू को पकाए जाने के बाद भी ख़त्म नहीं होते हैं.

डॉ. संग के अनुसार एंथोसायनिन्स का सेवन रक्तचाप कम करने में सहायक हो सकता है. हालाँकि यहाँ ये उल्लेखनीय है कि कई अन्य अध्ययनों में इस दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है.

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