मल-जल से घरों को गर्म करने की पहल

Image caption डिडकॉट में मल-जल से बायोमीथेन गैस पैदा की जा रही है

इंगलैंड के ऑक्सफ़र्डशायर इलाक़े का डिडकॉट नगर मल-जल से गैस पैदा करने वाला पहला नगर बन गया है.

ये गैस राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से घरों में जाती है जिससे घरों को गर्म किया जाता है और खाना भी पकाया जाता है.

तीन सप्ताह पहले निकली हुई मल-अपशिष्ट से बायोमीथेन गैस पैदा की जाती है जो नेशनल ग्रिड के ज़रिए ऑक्सफ़र्डशायर के कोई 200 घरों तक पहुंचती है.

ब्रिटिश गैस, टेम्स वॉटर और स्कॉटिया गैस नेटवर्कों को आशा है कि समूचे देश में यह प्रक्रिया लागू हो सकेगी.

यूरोपीय संघ के निर्देशों के अनुसार ब्रिटेन को सन 2020 तक यह सुनिश्चित करना है कि उसकी 15 प्रतिशत ऊर्जा अक्षय स्रोतों से पैदा हो रही है.

'उपभोक्ता गर्व करें'

ब्रिटिश गैस के ऊर्जा, तकनोलॉजी और नवोत्पाद प्रमुख मार्टिन ऑरिल ने बीबीसी को बताया कि उपभोक्ताओं को नाक भौं नहीं सिकोड़नी चाहिए बल्कि पुनर्चक्रण के इस प्रयास पर गर्व करना चाहिए.

श्री ऑरिल ने कहा, “उपभोक्ताओं को इस गैस में कोई फ़र्क नज़र नहीं आएगा क्योंकि इसमें किसी तरह की गंध नहीं होती और गैस सप्लाई करने का ढांचा इस देश में पहले से मौजूद है”.

उन्होने बताया कि मल-जल की निकासी से लेकर गैस की सप्लाई तक कोई 23 दिन का समय लगता है.

मल को बिजली पैदा करने के योग्य बनाने के लिए अवायुवीय संग्राहकों का नियंत्रित प्रयोग ब्रिटेन में पहले से हो रहा है.

लेकिन ब्रिटिश गैस ने डिडकॉट स्थित टेम्स वॉटर मल-निर्यास प्रणाली में एक अतिरिक्त संयंत्र लगाया है जिससे बाक़ी बची बायोगैस को बायोमीथेन में बदला जा सके जो घरों को गर्म करने और खाना पकाने में इस्तेमाल हो.

कैथरिन रशटन एक गृहणी हैं जिनके घर में भी ये गैस सप्लाई हो रही है. वो कहती हैं, "जब मैंने अपने बच्चों को इसके बारे में बताया तो पहले तो उन्होने नाक भौं सिकोड़ी लेकिन बाद में उन्हे लगा कि ये बहुत अच्छा उपाय है".

ऐतिहासिक दिन

मार्टिन ऑरिल का कहना है कि ब्रिटेन के गैस ग्रिड को दुनिया में सबसे अच्छा माना जाता है इसलिए इस नई तकनोलॉजी के प्रयोग के लिए ये उपयुक्त थी.

ऊर्जा और पर्यावरण परिवर्तन मंत्री क्रिस ह्यून ने एक बयान में इस परियोजना की प्रशंसा करते हुए कहा,” ऊर्जा कंपनियों के लिए, कचरे से ऊर्जा तैयार करने की तकनोलॉजी के लिए और ब्रिटेन में अक्षय ऊर्जा बढ़ाने की दिशा में हुई प्रगति के लिए ये एक ऐतिहासिक दिन है”.

ऊर्जा और पर्यावरण परिवर्तन विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि सरकार अपने ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति वचनबद्ध है लेकिन उसे इसमें होने वाले ख़र्च को भी ध्यान में रखना है. ब्रिटेन के भारी बजट घाटे के कारण सार्वजनिक क्षेत्र में भारी कटौतियों की योजना पर काम हो रहा है.

लेकिन मार्टिन ऑरिल आशावान हैं. उन्होने कहा, "हमें थोड़ी घबराहट तो है लेकिन हमें विश्वास है कि सरकार सही निर्णय करेगी".

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