उल्लुओं का दुश्मन हैरी पॉटर?

हैरी पॉटर

हैरी पॉटर और उनके दोस्त, एक उल्लू को भारत में उल्लुओं की बदहाली के लिए ज़िम्मेदार माना जा रहा है.

भारत में उल्लुओं की मौत की वजह से उनकी कम होती संख्या के लिए देश के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ‘हैरी पॉटर’ के चाहनेवालों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

‘हैरी पॉटर’ बच्चों के बीच लोकप्रिय काल्पनिक किरदार है जो लेखिका जेके राओलिंग की क़िताबों का मुख्य पात्र है.

भारत के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश का कहना है कि हैरी पॉटर की किताबें और फ़िल्में भारत में लोकप्रिय हैं.

मंत्री का कहना है कि इनमें हैरी पॉटर का दोस्त उल्लू है जिसका नाम 'हेडविग' है और भारत में उल्लुओं की मौत के लिए यही ज़िम्मेदार है.

जयराम रमेश का कहना है कि जब से हैरी पॉटर और उसका दोस्त उल्लू देश में लोकप्रिय हुए हैं, तब से ऐसे लोगों की संख्या भी बढ़ी है जो ग़ैरक़ानूनी तौर पर पक्षी बेचने वालों से इस चिड़िया को ख़रीदते हैं.

भारत में उल्लुओं की संख्या पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए जयराम रमेश ने ये बातें कहीं हैं.

देश में संरक्षण के मामलों से जुड़ी अग्रणी संस्था 'ट्रैफ़िक' ने ये रिपोर्ट तैयार की है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आनेवाली दिवाली को देखते हुए इन उल्लुओं को बचाने के लिए कड़े क़दम उठाए जाने चाहिए.

भारत में दिवाली हिंदुओं का पर्व है और उस दिन धन की देवी 'लक्ष्मी' की पूजा होती है.

उल्लू लक्ष्मी की सवारी है और रिपोर्ट में कहा गया है कि परंपरागत तौर पर ऐसे 'शुभ दिनों में' हज़ारों की संख्या में उल्लुओं की बलि दी जाती है

विचित्र माँग

जयराम रमेश का कहना है कि "हैरी पॉटर के आने के बाद से देश के शहरी मध्यम वर्गीय परिवारों में अपने बच्चों को उल्लू भेंट में देने का एक विचित्र चलन पैदा हो गया है."

हैरी पॉटर के प्रकाशक ब्लूम्सबरी ने जयराम रमेश की बातों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है.

उल्लू

रिपोर्ट में पाया गया है कि दिवाली के मौके पर परंपरागत तौर पर काले जादू के लिए उल्लुओं की बलि दी जाती है.

इस रिपोर्ट को लिखनेवाले अबरार अहमद का कहना है कि उन्होंने ये रिपोर्ट तैयार करने की बात तब सोची जब उनकी एक मित्र ने उनसे अपने बच्चे के जन्मदिन की पार्टी के लिए एक सफ़ेद उल्लू की व्यवस्था करने को कहा.

बच्चे के जन्मदिन की पार्टी का थीम था 'हैरी पॉटर'.

अबरार अहमद ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ये एक 'विचित्र माँग' थी.

अबरार अहमद ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस विषय पर की गई अपनी खोज में उन्होंने पाया कि भारत में तेज़ी से विलुप्त हो रहे इन उल्लुओं का इस्तेमाल बड़ी संख्या में काले जादू के लिए किया जाता है

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में मौजूद उल्लुओं की 30 प्रजातियों में से आधे बाज़ार में ज़िंदा बेच दिए जाते हैं और बाक़ियों को दवाइयों के लिए मार दिया जाता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समस्या का समाधान क़ानून बनाकर किया जा सकता है क्योंकि उल्लू हमारे परितंत्र यानि इकोसिस्टम के लिए उतने ही ज़रूरी हैं जितने कि बाघ.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.