आँखों में तैरते ख्वाब

सपना
Image caption मह्त्वपूर्ण काम के दौरान भी हमारा मन भटकता रहता है

एक शोध के मुताबिक जागते हुए आधे समय में लोग सिर्फ़ सपने बुनते हैं.

आईफ़ोन के माध्यम से किए इस शोध में शोधार्थियों ने पाया कि जिस काम में लोग लगे होते हैं, उस बारे में नहीं सोचते बल्कि क़रीब आधे समय सिर्फ़ वे सपने देखते रहते हैं.

क़रीब 2200 लोगों ने अपने फ़ोन पर एक एप्लीकेशन डाउनलोड किया जिसके माध्यम से दिन और रात के समय उनके विचारों और मनोभावों के बारे में एक सर्वेक्षण तैयार किया गया.

अमरीका के हावर्ड विश्वविद्यालय में किए गए इस अध्ययन से पता चलता है कि 30 प्रतिशत से भी ज्यादा समय में लोगों का दिमाग महत्वपूर्ण काम के समय भी भटकता रहता है.

एक ब्रितानी विशेषज्ञ का कहना है कि अन्य अध्ययनों से भी यह साबित हुआ है कि लोगों का ध्यान आसानी से भटकता है.

इसमें हिस्सा लेनेवालों से एक मेन्यू में से यह चुनने को कहा गया कि वे क्या कर रहे हैं. क्या वे वास्तव में उस काम के बारे में सोच रहे हैं और वे कितने खुश या नाख़ुश हैं?

मन की उलझन

कुछ प्रतिभागियों से जब संपर्क किया गया तो आश्चर्यजनक रूप से वे उस समय भी सर्वेक्षण में हिस्सा लेने के लिए सहमत थे जब वे प्रेमालाप में मशगूल थे.

हालांकि इस अध्ययन में उन्हीं लोगों ने हिस्सा लिया जिनके पास आईफ़ोन थे और जो डाउनलोड के लिए तैयार थे, लेकिन इससे पता चलता है कि किस तरह हमारा दिमाग़ इधर-उधर भटकता रहता है.

इस शोध से जुड़ें डॉक्टर मैथ्यू किलिंग्सवर्थ का कहना है, "सभी तरह के कार्यों के दौरान मन भटकता रहता है. इस अध्ययन से पता चलता है कि हमारा मन उन चीज़ों में मशगूल रहता है जो हमारे सामने उपस्थित नहीं है."

जिनका मन काम के दौरान भटकता रहा, उन्होंने ज्यादातर नाख़ुशी का भाव ज़ाहिर किया.

किलिंग्सवर्थ का कहना है कि मन का भटकना लोगों की ख़ुशी का बेहतरीन सूचक हो सकता है.

हालांकि इस अध्ययन से यह पता नहीं चल पाया है कि मन का भटकना नाख़ुशी का कारण है या परिणाम.

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