कामोत्तेजना घटाते हैं आंसू

महिलाओं के आंसू
Image caption अनुसंधानकर्ता अब महिलाओं पर पुरुषों के आसुओं का प्रभाव जानने में जुटे हैं.

महिलाएं भले ही पुरुषों से अपनी बात मनवाने के लिए आसुओं को अपना हथियार मानती हों लेकर उनका यह हथियार उलटवार भी कर सकता है.

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है महिलाओं के आंसू पुरुषों में सेक्स की इच्छा को कम करते हैं.

इसराइल के विज़मान संस्थान के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि महिलाओं के आंसुओं में ऐसे रसायन होते हैं जो पुरुषों में कामोत्तेजना को कम करते हैं.

संस्थान से जुड़े प्रोफेसर नोआम सोबेल ने बीबीसी को बताया कि महिलाओं के आंसुओं का यह रसायन कामोत्तेजना से जुड़े हारमोन ‘टेस्टोसटेरॉन’ को कम करता है और उनके मस्तिष्त में सेक्स के प्रति रुचि को कम करता है.

‘टेस्टोसटेरॉन’

इस शोध के दौरान अनुसंधानकर्ताओं ने रोने के दौरान महिलाओं के आंसुओं को इकट्ठा किया.

इसके बाद पुरुषों को अलग-अलग महिलाओँ की तस्वीरें दिखाई गईं जिस दौरान उन्हें साधारण नमक और महिलाओं के आंसुओं से निकला नमक सुंघाया गया.

जिन पुरुषों की नाक के नीचे महिलाओं के आंसुओं से निकला नमक रखा गया था उन्होंने अलग-अलग महिलाओं की तस्वीरें देखकर भी कोई कामोत्तेजक प्रतिक्रिया नहीं दिखाई.

'सिगनल'

अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि इस प्रक्रिया के दौरान पुरुषों में ‘टेस्टोसटेरॉन’ का स्तर 13 फ़ीसदी तक कम हो गया.

इस शोध को लेकर सोबेल ने कहा, ''यह अध्ययन इस बात को साबित करता है प्रत्येक मनुष्य दूसरे व्यक्ति को कुछ सिगनल देता है जिसके आधार पर दूसरे व्यक्ति का व्यवहार तय होता है. यह प्रक्रिया जाने-अनजाने होती है.''

हालांकि शोधकर्ताओं को अब भी यह जानना बाकि है कि यह सिगनल किस तरह के होते हैं और किस आधार पर पैदा होते हैं.

सोबेल की टीम अब महिलाओं पर पुरुषों के आसुओं का प्रभाव जानने में जुटे हैं.

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