नए ग्रह की खोज

केपलर-10बी
Image caption केपलर-10बी नामक इस ग्रह पर दिन का तापमान 1300 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है.

अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने सौर-मंडल के बाहर स्थित सबसे छोटे ग्रह की खोज की है. चट्टानों से भरा ये ग्रह काफ़ी कुछ पृथ्वी की ही तरह लगता है लेकिन इसपर किसी तरह का जीवन होने की संभावना नहीं है.

इस ग्रह पर जीवन की संभावना इसलिए नहीं है क्योंकि ये अपने सूर्य के इतने क़रीब है कि इसका तापमान हज़ार डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है.

लेकिन शोधकर्ता मानते हैं कि केपलर-10बी की खोज पृथ्वी जैसे किसी ग्रह की खोज की राह में एक 'मील का पत्थर' है.

इस ग्रह को केपलर-10 बी का नाम दिया गया है. ये उस टेलीस्कोप का नाम है जिसने इसकी खोज की है.

इस नई खोज का ऐलान 'अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी' की 217वीं वार्षिक बैठक के दौरान किया गया.

इसे खोजने वाली 'केप्लर स्पेस टेलीस्कोप' ब्रह्माण्ड के दूर-दराज ग्रहों पर नज़र रखती है. नए ग्रह को पृथ्वी से 560 प्रकाश वर्ष दूर देखा गया है.

क्या हम अकेले हैं?

केपलर -10बी अपने सूर्य से इतना क़रीब है कि इसपर दिन का तापमान 1300 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. यही वजह है कि इस पर जीवन के आसार असंभव हैं.

जीवन की संभावना ना होने के बावजूद केपलर मिशन से जुड़ीं सेन होज़े विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर नटाली बटाल्हा कहती हैं कि ये एक महत्वपूर्ण क़दम है.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "हम ये जानना चाहते हैं कि क्या हम आकाश-गंगा में अकेले हैं? सीधी-सी बात ये है कि इस दिशा में ये एक अहम क़दम है. "

केलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय के ज्यॉफ़री मार्सी ने केपलर-10बी की खोज को 'मानव इतिहास की सबसे गूढ़ वैज्ञानिक खोज' क़रार दिया है.

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