खिसक गया जापान...

जापान भूकंप इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption भूकंप के बाद जापान के तटीय क्षेत्र करीब 4 मीटर पूर्व की ओर खिसक गए

वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि जापान में आए भयंकर भूकंप और सुनामी के बाद वहां की तटरेखा अपनी जगह से 13 फुट पूर्व की ओर खिसक गई है.

जापान में मौजूद 1200 ग्लोबल पोज़िशनिंग सिस्टम वाले केंद्रों से मिले आंकड़े बताते हैं कि भूकंप के बाद जापान में बड़े स्तर पर भू-विस्थापन हुआ है.

हालांकि ब्रिटेन के भूगर्भीय सर्वेक्षण विभाग से जुड़े डॉक्टर रॉजर मुसन ने बीबीसी को बताया कि जो विस्थापन जापान में देखा गया है, वो इस तीव्रता के भूकंप के बाद सामान्य है.

कहा जा रहा है कि इस भूकंप की तीव्रता इतनी तेज़ थी कि पृथ्वी अपने केंद्र से करीब 6.5 इंच दूर खिसक गई, जिसके कारण दिन की अवधि एक सेकैंड के दस लाखवें भाग से छोटी हो गई है.

जापान में आए भूकंप की तीव्रता 8.9 आंकी गई थी लेकिन अब मौसम विभाग ने इसे बढ़ाकर 9.0 दर्ज करने का प्रस्ताव दिया है.

भूकंप की तीव्रता में प्रस्तावित संशोधन करने के बाद जापान में आया भूकंप विश्व में पांचवा सबसे बड़ा भूकंप होगा.

कैसे खिसकी धरती

जापान पृथ्वी की ऐसी सतह पर मौजूद है, जिस पर भूकंप और ज्वालामुखी का फटना सामान्य है. यह सतह प्रशांत महासागर में मौजूद है.

भूगर्भीय सर्वेक्षण विभाग के डॉक्टर ब्रायन बाप्टी ने बताया कि इस भूकंप ने पृथ्वी में मौजूद पैसिफिक प्लेट और एक अन्य प्लेट को अपनी जगह से हिला दिया है.

जापान की सतह के नीचे मौजूद पैसिफिक प्लेट जब पश्चिम की ओर खिसकती है तो वो उत्तरी अमरीकी प्लेट को भी अपने साथ पश्चिम और दक्षिण की ओर खिसका देती है.

भूकंप के बाद जब समुद्र की सतह के नीचे मौजूद पैसिफिक प्लेट खिसकी, तो भारी मात्रा में समुद्री पानी सुनामी लहरों के रुप में जापान के सेंदाई क्षेत्र को बहा ले गया.

डॉक्टर रॉजर मुसन ने कहा, “पैसिफिक प्लेट करीब 20 मीटर पश्चिम की ओर खिसक गई है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि पूरा जापान अपनी जगह से हिल गया है.”

जियोनेट के आंकड़ों के अनुसार जापान के तटीय क्षेत्र करीब 4 मीटर पूर्व की ओर खिसक गए हैं.

संबंधित समाचार