'फुल बॉडी स्कैनर सुरक्षित'

फुल बॉडी स्कैनर
Image caption इस स्कैनर से कल्पना की गुंजाइश कम रह जाती है

हवाई अड्डों पर होने वाले फुल बॉडी स्कैनिंग के दौरान उपजने वाले विकिरण मानव स्वास्थ्य के लिए नु्क़्सानकारी नहीं है.

अमरीकी स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्कैनर से उपजने वाला विकिरण बहुत ही कम है.

फुल बॉडी स्कैनर अमरीका के कई और ब्रिटेन के कुछ हवाई अड्डों पर लगे हैं

ये स्कैनर जो कि अमरीकी हवाई अड्डों पर 9 /11 की घटना के बाद लगाए गए थे एक्स रे किरणों का इस्तेमाल करते हैं. इन स्कैनरों का इस्तेमाल यात्री के पूरे शरीर पर नज़र डाल कर ये पता लगाने के लिए किया जाता है कि कहीं वे कोई वर्जित चीज़ तो कपड़ों में छुपा कर नहीं ले जा रहे हैं.

कैलिफोर्निया के स्वास्थ्य वैज्ञानिकों की ये खोज आर्काइव्ज़ ऑफ़ इन्टर्नल मेडिसिन में छपी हैं. इस शोध के अनुसार इस स्कैनर से एक यात्री को मिलने वाला विकिरण हवाई यात्रा के दौरान मिलने वाले विकिरण के एक प्रतिशत से भी कम है.

हवाई यात्रा ज़्यादा ख़तरनाक

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के जन स्वास्थ्य और रेडीयोलॉजी विशेषज्ञ पैट्रिक मेहता और और डॉ रेबेका स्मिथ बिंडमैन का कहना है कि जो लोग एक हफ़्ते में 60 घंटे तक हवाई उड़ाने करते हैं उनके कैंसर के ख़तरे में महज़ एक मिनट की वृधी होती है.

शोध के अनुसार उस तरह के बहुत ज़्यादा उड़ाने भरने वाले दस लाख यात्रियों में से चार को इस फुल बॉडी स्कैनर के कारण कैंसर हो सकता है.

इसकी तुलना में 600 अधिक यात्रा करने वाले इन यात्रियों को हवाई यात्रा के कारण कैंसर हो सकता है. इस स्कैनर से बच्चों के स्वास्थ्य को भी बहुत ही कम ख़तरा है.

मैनचेस्टर हवाईअड्डे के प्रवक्ता पॉल हैडफील्ड ने इस शोध का स्वागत करते हुए कहा " इससे यात्रियों की आशंकाओं को निर्मूल करने में मदद मिलेगी". हैडफील्ड के अनुसार उनके हवाई अड्डे से हर साल यात्रा करने वाले एक करोड़ 85 लाख यात्रियों के लिए बॉडी स्कैनर लग चुके हैं.

इस स्कैनर के बाद हर यात्री की जांच का समय दो मिनट से घाट कर 30 सेकण्ड हो गया है.

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