'सरकारी संस्थानों पर निशाने के लिए वायरस'

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Image caption स्टार्स वायरस की जानकारी ईरान की सुरक्षा संस्था की वेबसाइट पर डाली गई है.

ईरान में अधिकारियों का कहना है कि उन्हें एक ऐसा वायरस मिला है जिसका डिज़ाइन देश के सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने के लिए किया गया है.

ईरान की रक्षा संस्था के अध्यक्ष के मुताबिक स्टार्स नाम का ये वायरस नुकसान पहुँचा सकता है. अगर ये रिपोर्ट सही पाई गई तो एक साल के अंदर ये दूसरा ऐसा हमला होगा.

हाल ही में स्टूक्सनेट नाम का वायरस ईरान में पाया गया था और ऐसा माना जाता है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए इसे डिज़ाइन किया गया था.

ईरानी सुरक्षा संस्था के सैन्य प्रमुख ग़ुलाम रज़ा जलाली का कहना है कि नए वायरस स्टार्स को तैयार करने के पीछे का मकसद जानने में अभी वक़्त लगेगा.

पिछले हफ़्ते उन्होंने ही कहा था कि स्टूक्सनेट वायरस के पीछे अमरीका का हाथ था. उनके मुताबिक इससे बड़े स्तर पर दुर्घटना हो सकती थी और लोगों की जान जा सकती थी.स्टूक्सनेट के बारे में सबसे पहले जुलाई 2010 में पता चला था.

एक बड़ी सेक्यूरिटी कंपनी के विश्लेषण से पता चला था कि इस वायरस को इंटरनेट के ज़रिए फैलाया जा सकता है लेकिन इसका डिज़ाइन कुछ खा़स किस्म के औद्योगिक उपकरणों को निशाना बनाने के लिए किया गया है.

ज़्यादातर विशेषज्ञ मानते हैं कि स्टूक्सनेट जिस तरह का जटिल वायरस है उसे बनाने में किसी विदेशी ताकत का हाथ हो सकता है.

ईरान अमरीका और इसराइल पर ऊंगली उठा चुका है लेकिन कोई सुबूत नहीं दिए हैं.

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