'मोबाइल से हो सकता है ब्रेन कैंसर'

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से कैंसर होने की संभावना रहती है.

संगठन कैंसर शोध एजेंसी के अनुसार सबूतों की समीक्षा करने पर पता चलता है कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल से एक विशेष तरह के कैंसर की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

हालांकि दिमाग के कैंसर और मोबाइल के इस्तेमाल के बीच सीधा सीधा संबंध स्थापित नहीं किया जा सका है. एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘‘यह स्पष्ट रुप से स्थापित नहीं हो पाया है कि मोबाइल फोन से कैंसर होता है.’’

कैंसर के लिए काम करने वाली चैरिटी के अनुसार ये सबूत कमज़ोर हैं और इसके आधार पर कोई फैसला नहीं किया जाना चाहिए.

इस मामले में 31 विशेषज्ञों ने फ्रांस के लियोन शहर में बैठक की और अलग अलग तरह के सबूतों का अध्य्यन करने के बाद यह रिपोर्ट दी थी.

विशेषज्ञों का कहना है कि उन्होंने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों से जुड़े कई शोधों को देखा और साथ ही इलेक्ट्रोमैगनेटिक फील्ड के साथ काम करने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर मोबाइल फोनों को पाँच तरह के वैज्ञानिक लेबल दे सकती है.

इसी के तहत एजेंसी ने मोबाइल फोन को ‘संभावित कैंसर पैदा करने वाले’ करार दिया है क्योंकि इसका संबंध एक विशेष प्रकार के ब्रेन कैंसर ग्लियोमा से है.

ब्रिटेन में कैंसर रिसर्च के प्रमुख एड यंग का कहना था, ‘‘ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जो कहा है उससे लगता है कि कुछ सच्चाई ज़रुर होगी सबूत ज़रुर होंगे जो मोबाइल और कैंसर के बीच संबंध दिखाते हैं लेकिन ये सबूत कमज़ोर हैं.’’

यंग का कहना था कि कई शोधों में अभी तक फोन और कैंसर के बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है.

उनका कहना था, ‘‘ ब्रेन कैंसर की समस्या उन लोगों में भी है जो मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं और उनमें भी जो मोबाइल इस्तेमाल नहीं करते हैं. इस कैंसर की संभावनाएं पिछले कुछ वर्षों में बहुत नहीं बढ़ी हैं जबकि मोबाइल का इस्तेमाल बढ़ा है.’’

हालांकि यंग ने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी क्योंकि मोबाइल फोनों के लंबे इस्तेमाल के बारे में अभी भी बहुत शोध नहीं किए गए हैं.

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