परजीवी से मस्तिष्क कैंसर का ख़तरा

मस्तिष्क
Image caption इस परजीवी से मस्तिष्क कैंसर के ख़तरे को पहली बार जोड़ा गया है

वैज्ञानिकों का कहना है कि बिल्लियों में पाए जाने वाले एक सामान्य से परजीवी की वजह से मस्तिष्क कैंसर का ख़तरा बढ़ सकता है.

रॉयल सोसायटी जर्नल बायोलॉजी लेटर्स में शोधकर्ताओं ने लिखा है कि उन्हें टोक्सोप्लाज़्मा गोंडाई और वयस्कों को होने वाले मस्तिष्क कैंसर के बीच 'गहरा-संबंध' है.

उनका कहना है कि इस परजीवी की वजह से इस रोग का ख़तरा दोगुना हो जाता है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि परजीवी टोक्सोप्लाज़्मा गोंडाई तीन में से एक व्यक्ति को संक्रमित करता है.

कई ज़रिया

ये परजीवी बिल्लियों के ज़रिए फैलते हैं लेकिन बिना पका हुआ मांस भी इसके फैलने का एक बड़ा ज़रिया हो सकता है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं और कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों के लिए ख़तरा हो सकता है.

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Image caption बिल्लियों में ये परजीवी पाया जाता है

उनका कहना है कि इसकी वजह से मस्तिष्क ज्वर की तरह के लक्षण दिखाई पड़ सकते हैं.

अब शोधकर्ता कह रहे हैं कि इसकी वजह से मस्तिष्क कैंसर का ख़तरा हो सकता है.

उन्होंने 37 देशों के आंकड़ों का अध्ययन किया है और इसके बाद कहा है कि टोक्सोप्लाज़्मा गोंडाई की वजह से मस्तिष्क कैंसर का ख़तरा 1.8 गुना बढ़ सकता है.

वैज्ञानिकों ने ज़ोर देकर कहा है कि वे ये नहीं कह रहे हैं कि परजीवी टोक्सोप्लाज़्मा गोंडाई की वजह से कैंसर होता है लेकिन वे कह रहे हैं कि इसकी वजह से कैंसर होने का ख़तरा बढ़ जाता है.

इससे पहले परजीवी टोक्सोप्लाज़्मा गोंडाई का संबंध न्यूरोलॉजिकर यानी तंत्रिका संबंधी बीमारियों से हो सकता है.

बीबीसी के स्वास्थ्य मामलों के संवाददाता मैट मैक्ग्राथ का कहना है कि ये पहली बार था जब इस परजीवी का संबंध मस्तिष्क कैंसर से जोड़ा गया है.

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