अब सिगरेट नहीं पिएगी शर्ली !

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Image caption पुनर्वास के बाद शर्ली को बॉरनियों द्विप पर स्थित वन्यजीव केंद्र भेजा जाएगा.

मलेशिया में शर्ली नाम की वनमानुष अपने सिगरेट पीने की शौक के कारण काफ़ी मशहूर है. उसे देखने आने वाले लोग उसके बाड़ें में जलती हुई सिगरेट फेंक जाते हैं. लेकिन अब उसके सिगरेट पीने के शौक को छुड़वाने की कोशिश की जा रीह है.

वन्यजीव अधिकारियों का कहना है कि उसे दक्षिण ज़ोहर राज्य के चिड़ियाघर से पिछल हफ्ते मालाक्का चिड़ियाघर में स्थानांतरित किया गया है और अब वह सिगरेट भी नहीं पी रही है और इसके लिए कोई दवा भी नहीं ले रही है.

एक बार उसका पुनर्वास पूरा हो जाने के बाद शर्ली को बॉरनियों द्विप पर स्थित वन्यजीव केंद्र भेज दिया जाएगा.

लोगों ने डाली आदत

अधिकारियों का कहना है कि उसके सिगरेट छोड़ने के लक्षण बहुत बुरे नहीं हैं.

मलक्का चिड़ियाघर के प्रमुख अहमद अज़हर मोहम्मद कहते हैं कि वह खाने की इच्छा जाहिर कर रही हैं और उसके अंदर बीमारी व अवसाद के भी लक्षण नहीं हैं.

उन्होंने एसोसिएटड प्रेस से कहा, 'मैं कहना चाहूँगा कि वह आदी नहीं है. लेकिन वह अपने आसपास लोगों को सिगरेट पीता देखकर, उनकी नकल करते हुए इसकी आदी हो सकती है.'

उन्होंने कहा कि वनमानुषों के लिए सिगरेटा पीना एक सामान्य व्यवहार नहीं है. उनके मुताबिक़ शर्ली के ख़ून की जाँच और अन्य तरह की जाँच के रिपोर्ट अभी नहीं आई है.

क्वालालंपुर स्थित बीबीसी संवाददाता ज़ेनिफ़र पाक के मुताबिक़ एक स्थानीय अख़बार को देशभर में चिड़ियाघरों की हालत की पड़ताल के दौरान शर्ली की इस आदत का पता चला.

ज़ेनिफ़र के मुताबिक़ क़रीब 20 साल के इस वनमानुष और चार अन्य जानवरों को चीड़ियाघर से पिछले हफ्ते ही बचाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि उन्हें वहाँ बहुत ही बुरी हालत में रखा गया था.

मलेशिया के अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा ब्रिटेन के कार्यकर्ताओं के एक समूह 'नेचर एलर्ट' ने एक साल पहले तब उठाया था जब संरक्षणवादियों ने शर्ली के सामने जलती सिगरेट फेंककर उसकी तस्वीरें उतारी थीं.

'नेचर एलर्ट' की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीन व्हाईट ने सोमवार को कहा कि शर्ली और अबु नाम के एक दूसरे वनमानुष को ज़ोहर चिड़ियाघर से हटाया जाना एक अच्छी ख़बर है.

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