ऑस्ट्रेलिया में कार्बन टैक्स विधेयक पारित

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Image caption कार्बन टैक्स बिल को जुलिया गिलार्ड की एक बड़ी जीत की तरह देखा जा रहा है

ऑस्ट्रेलिया के निचले सदन ने विवादास्पद कार्बन टैक्स विधेयक मामूली बहुमत से पारित कर दिया है.

इस बिल के लागू होने से क़रीब 500 बड़ी प्रदूषण फैलाने वाली फ़ैक्टरियों को को प्रति टन कार्बन डॉइ ऑक्साइड के लिए कार्बन टैक्स देना होगा.

सरकार ने ये कदम जलवायु परिवर्तन के ख़तरे को कम करने की रणनीति के तहत उठाया है, लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि इससे लोगों की नौकरियाँ जाएंगी और उनका ख़र्च बढ़ेगा.

ऑस्ट्रेलिया दुनिया का सबसे बड़ा कोयले का निर्यातक है और ग्रीन हॉउस गैसों के उत्सर्जन में भी वह बड़ा भागीदार है.

प्रधानमंत्री जुलिया गिलार्ड ने मतदान से पहले कहा था,"ऑस्ट्रेलिया के लोगों के लिए ये एक बड़ा दिन है और जो एक बेहतर पर्यावरण देखना चाहते हैं."

विरोध

स्वच्छ ऊर्जा बिल 2011 के पक्ष में 74 मत पड़े तो विपक्ष में 72. इस बिल के पारित होने के बाद जूलिया ने अपने सहयोगियों को गले लगाया और गलियारें से अपने समर्थकों का अभिवादन किया.

प्रधानमंत्री के लिए ये जीत इस मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि सर्वेक्षण चुनाव में उनकी लोकप्रियता विपक्ष के मुक़ाबले कम हो गई थी.

इस बिल ने ऑस्ट्रेलिया के मतों का ध्रुवीकरण कर दिया है. इससे पहले हज़ारों लोगों ने इसका विरोध किया था और जुलिया पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पिछले चुनाव से पहले झूठ बोला था.

इसी तरह के बिल को पारित कराने के लिए किए गए पिछले दो प्रयास विफल हो गए थे. यही एक तरह से पूर्व प्रधानमंत्री केविन रड की हार का कारण भी बना था.

पिछले साल हुए फेडरल चुनाव में जुलिया ने कहा था कि वे कार्बन टैक्स विधेयक पेश नहीं करेंगी.

सरकार का कहना है कि इस टैक्स कटौती के ज़रिए दस में से नौ घरों की क्षतिपूर्ति की जाएगी. अगले साल एक जुलाई से ये टैक्स लागू हो जाएगा.

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