धरती के पास से गुज़रेगा विशाल एस्टेरॉयड

इमेज कॉपीरइट Reuters

चार सौ मीटर चौड़ा एक एस्टेरॉयड मंगलवार को धरती के पास से गुज़रेगा. ये खगोलीय पिंड चाँद के मुकाबले धरती से ज़्यादा करीब होगा.

एस्टेरॉयड 2005 वाईयू55 धरती के सबसे ज़्यादा नज़दीक 23.28 जीएमटी पर पहुँचेगा. ये दूरी 325,000 किलोमीटर की होगी.

इतने बड़े आकार का एस्टेरॉयड अब 2028 में धरती के पास से गुज़रेगा.

विमान के आकार का ये एस्टरॉइड दिखाई देने वाली वेवलंथ में गहरे रंग का है और गोलाकार है. ये हर 20 घंटे में एक बार चक्कर लगाता है. ये गुरुवार तक पूरे आकाश तक का पथ तय करेगा.

इससे धरती को कोई ख़तरा नहीं है और इसे बिना किसी यंत्र के यूँ ही नहीं देखा जा सकता है.

नासा के लांस बेनर ने और जानकारी देते हुए कहा, "2005 वाईयू55 धरती से टकरा नहीं सकता..कम से कम हमारे गणित के हिसाब से कई सौ साल तक तो नहीं."

अध्ययन का मौका

इस घटनाक्रम से खगोलशास्त्रियों को एस्टेरॉयड का गहन अध्ययन करने का मौका मिलेगा. दो रेडियो टेलिस्कोप की मदद से ये समझने की कोशिश की जाएगी कि ये एस्टेरॉयड किस चीज़ का बना है.

एस्टेरॉयड का असली पथ सामने आने से वैज्ञानिकों को ये पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलेगी कि क्या वो भविष्य में और आगे जाएगा.

नासा का कहना है कि ग़ैर पेशेवर खगोलशास्त्री 15 सेंटीमीटर या उससे बड़े आकार के टेलीस्कोप की मदद से इस घटना को देख सकते हैं.

कई एस्टेरॉयड धरती के पास से गुज़रते रहते हैं. एपोफ़िस नाम का एस्टेरॉयड भी धरती के पास से गुज़र चुका है और दोबारा 2029 और 2036 में गुज़रेगा.

संबंधित समाचार