रोबोट करेंगे कैदियों की निगरानी

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Image caption दक्षिण कोरिया के पोहांग शहर की जेल में अब रोबोट कैदियों की निगरानी करेंगे.

दक्षिण कोरिया के पोहांग शहर की जेल में अब रोबोट कैदियों की निगरानी करेंगे. शोधकर्ताओं का कहना है कि ये मशीनें बाकी सुरक्षा बलों के काम का बोझ कम कर देंगी.

दक्षिण कोरिया चाहता है कि वो दुनिया में रोबोट उद्योग में अग्रणी बने. विश्लेषकों का मानना है कि इस क्षेत्र में निर्यात की काफ़ी संभावनाएं है.

दक्षिण कोरियाई शोधकर्ताओं के संगठन एशियन फ़ोरम फॉर कोरक्शनंस ने जेलों में परीक्षण के लिए पांच फुट उंचे तीन रोबोट बनाए हैं.

ये संगठन अपराध और जेल की नीतियों के लिए काम करता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि ये रोबोट चार पहियों पर चलते हैं और कैमरों व सेंसर प्रणाली से लैस हैं. इनकी मदद से वो कैदियों में हिंसा और आत्महत्या जैसे ख़तरनाक व्यवहार का पता लगा पाते हैं.

इन रोबोट की डिज़ाइन करने वाली क्योंग विश्वविद्यालय की टीम के प्रो. ली बायक छू का कहना है कि गड़बड़ी के संकेत मिलने पर ये रोबोट सुरक्षा बलों को चौकन्ना करेंगे.

उनका कहना है ''हम इसके प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम को बनाने का काम लगभग पूरा कर चुके हैं. अब हम इसे कैदियों के लिए अधिक अनुकूल बनाने के लिए सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.''

अग्रसर रोबोट उद्योग

इन रोबोट के एक महीने के परीक्षण का खर्च लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये आएगा और इसे दक्षिण कोरिया की सरकार प्रायोजित कर रही है.

रोबोट उद्योग को विकसित करने के लिए ये सरकार का ताज़ा पूंजी निवेश है.

देश के ज्ञान मंत्रालय का कहना है कि वो 2002 से 2010 तक इस क्षेत्र में शोध पर साढ़े 41 करोड़ पाउंड खर्च कर चुकी है.

मंत्रालय का कहना है कि उसका उद्देश्य जापान जैसे देशों से मुकाबला करना है जो ख़ुद भी इस क्षेत्र में संभावनाएं तलाश रहा है.

मंत्रालय का कहना है कि पिछले दो सालों में कोरिया के रोबोट बाज़ार ने 75 फ़ीसदी की रिकार्ड वृद्धि की है.

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