मलेरिया की वजह से होने वाली मौतों में कमी

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Image caption मलेरिया की वजह से अब प्रति 60 सेकेंड एक बच्चे की मौत हो रही है

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि मलेरिया के विरुद्ध संघर्ष में काफ़ी प्रगति हुई है और इसकी वजह से मारे जाने वालों की संख्या में गिरावट आ रही है.

मगर साथ ही संगठन के अनुसार अगर इसकी वजह से होने वाली मौतों को 2015 तक पूरी तरह रोकने का लक्ष्य पाना है तो और ज़्यादा धन की ज़रूरत होगी.

डब्ल्यूएचओ के अनुसार मलेरिया की वजह से 2010 में सिर्फ़ साढ़े छह लाख लोग ही मारे गए और उनमें से भी अधिकतर अफ़्रीकी बच्चे थे.

एक साल पहले के मुक़ाबले ये आँकड़ा पाँच प्रतिशत कम है.

संगठन के अनुसार ये काफ़ी अहम प्रगति दिखाता है मगर साथ ही मृत्यु दर अब भी काफ़ी ऊँची है क्योंकि इस बीमारी से पूरी तरह बचा जा सकता है.

वैसे 2004 से ही मलेरिया से मौतों की संख्या कम हो रही है. कुछ वर्ष पहले तक ये कहा जाता था कि हर 30 सेकेंड में एक बच्चे की मौत मलेरिया से हो जाती है.

साल 2009 तक ये दर 45 सेकेंड हो गई और विश्व मलेरिया रिपोर्ट के प्रमुख लेखक डॉक्टर रिचर्ड सिबुल्सकिस के अनुसार अब हर 60 सेकेंड में एक बच्चे की मलेरिया की वजह से मौत हो रही है.

पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में जो बड़े क़दम उठाए गए हैं उसका फ़ायदा हुआ है.

इसमें मच्छरदानियों से लेकर नई मलेरिया निरोधक दवाओं तक का योगदान है.

संगठन के अनुसार हालात में सुधार काफ़ी मुश्किल से आए हैं पर अगर और धन नहीं दिया गया तो सारी मेहनत बेकार हो जाएगी.

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